बिहार में घर बैठे होगी लाखों की कमाई, पर्यटन स्थलों के पास रहने वालों के लिए सरकार की नई होमस्टे योजना बिहार एक महीने पहले 74
बिहार सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सरकार घर के नवीनीकरण और सुविधाओं के लिए भारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।

बिहार में कमाई का सुनहरा मौका

बिहार के निवासियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। यदि आपका निवास किसी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के आसपास स्थित है, तो अब आप घर बैठे ही शानदार कमाई कर सकते हैं। बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को नई गति देने और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस योजना के मसौदे पर मुहर लगा दी है, जिससे अब राज्य के पर्यटन मानचित्र पर मौजूद प्रमुख स्थलों के आसपास रहने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की पूरी उम्मीद है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और लक्ष्य

इस नई पहल के अंतर्गत बिहार के कुल 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों को होमस्टे के रूप में विकसित कर सकेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को केवल ठहरने की जगह देना नहीं है, बल्कि उन्हें बिहार की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक खानपान का अनुभव कराना भी है। यह व्यवस्था पर्यटकों को एक सुरक्षित और घरेलू माहौल प्रदान करेगी, जैसा कि अक्सर होटलों में नहीं मिल पाता है। पर्यटन विभाग ने आने वाले 5 वर्षों के भीतर राज्य में ऐसे 1,000 कमरों के पंजीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

आर्थिक सहायता और पात्रता के नियम

सरकार द्वारा इस योजना को बहुत ही व्यावहारिक बनाया गया है। यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपका घर चयनित पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में होना अनिवार्य है। एक मकान मालिक अपने होमस्टे में अधिकतम 8 कमरों की सुविधा प्रदान कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार प्रत्येक कमरे के लिए 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, ताकि घर को पर्यटकों के अनुकूल बनाया जा सके।

महिलाओं और युवाओं के लिए अतिरिक्त लाभ

सरकार ने इस योजना के तहत महिलाओं, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। यदि होमस्टे का संचालन किसी महिला, 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा या किसी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाता है, तो उन्हें प्रति कमरे के लिए 25 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह विशेष प्रावधान उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।

इन 34 पर्यटन स्थलों को किया गया है शामिल

राज्य के जिन जिलों में यह योजना लागू की गई है, उनके प्रमुख स्थलों की सूची इस प्रकार है:

  • गयाजी: महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेत शिला और गुरूपा हिल।
  • नालंदा: नालंदा महाविहार के अवशेष, पावापुरी का जल मंदिर, राजगीर का रोप-वे, जू सफारी, नेचर सफारी और राजगीर कुंड।
  • वैशाली: विश्वशांति स्तूप।
  • कैमूर: मुंडेश्वरी मंदिर परिसर।
  • पूर्वी चंपारण: केसरिया स्तूप और सीता कुंड।
  • रोहतास: शेरशाह सूरी का मकबरा, मांझर कुंड और धुआं कुंड।
  • पश्चिम चंपारण: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और गांधी आश्रम भितिहरवा।
  • जहानाबाद: बराबर की गुफाएं।
  • नवादा: ककोलत जलप्रपात।
  • बांका: मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम।
  • मुजफ्फरपुर: मनिकामन झील और गरीबनाथ धाम।
  • मुंगेर: भीमबांध वन्य अभयारण्य।
  • सीतामढ़ी: पुनौरा धाम और पंथ पाकड़।
  • जमुई: लच्छुआर जैन मंदिर, नागी और नकटी डैम।
  • औरंगाबाद: देव सूर्य मंदिर।

यह योजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी, बल्कि बिहार में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को एक अनूठा और आत्मीय अनुभव भी प्रदान करेगी। जो लोग पर्यटन के क्षेत्र में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह अपनी आमदनी का एक स्थायी जरिया बनाने का बेहतरीन अवसर है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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