बिहार में मानसून सक्रिय: सारण और दरभंगा समेत 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 40 km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं बिहार 2 महीने पहले 74
बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने राज्य के 30 जिलों में आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, जबकि राजधानी पटना सहित 8 जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।

बिहार में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पूरे सूबे में मानसूनी हवाएं सक्रिय हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए आज राज्य के 30 जिलों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने और झमाझम बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान बाहर न निकलने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि इस दौरान मौसम में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

चार जिलों में ऑरेंज और 26 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने सूबे की भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए पूरे राज्य को दो अलग-अलग चेतावनी श्रेणियों में विभाजित किया है:

  • ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: उत्तर और पश्चिम बिहार के 4 जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ भीषण वज्रपात की भी आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
  • येलो अलर्ट वाले जिले: मौसम विभाग ने राज्य के 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन जिलों की सूची इस प्रकार है:
    • पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवाहर और मुजफ्फरपुर
    • वैशाली, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर
    • सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया
    • भागलपुर, जमुई, मुंगेर और बांका
    • अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार
    • बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद

इन सभी चिन्हित क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 km/h तक पहुंच सकती है, जो कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

वज्रपात को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की विशेष सलाह

मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में भारी इजाफा हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने लोगों से पुरजोर अपील की है कि जब भी आसमान में बादल कड़कड़ाएं या बिजली चमके, तो वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

खराब मौसम के समय खुले खेतों, बाग-बगीचों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश और वज्रपात के दौरान पक्के कंक्रीट के मकानों के भीतर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। किसानों को भी चेतावनी दी गई है कि वे मौसम खराब होने पर खेतों में काम करना बंद कर दें और सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।

पटना समेत आठ जिलों में मौसम रहेगा सामान्य

जहां एक तरफ राज्य के अधिकांश हिस्से भारी बारिश की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ राजधानी पटना समेत 8 जिलों में आज मौसम सामान्य रहने की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, निम्नलिखित जिलों में भारी बारिश का कोई अनुमान नहीं है:

  • पटना, जहानाबाद, नालंदा और नवादा
  • गया, बेगूसराय, लखीसराय और शेखपुरा

इन क्षेत्रों के निवासियों को भारी बारिश से राहत मिलेगी, हालांकि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। तापमान में हल्की गिरावट के कारण यहां का मौसम भी काफी खुशनुमा बना रहेगा।

जून में सूखे जैसे हालात, जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश की आशंका

बिहार के लिए इस साल का जून का महीना मानसून के लिहाज से काफी निराशाजनक रहा है। जून के पूरे महीने में सूबे के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति बनी रही। आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से लेकर 30 जून के बीच राज्य में केवल 87.8 mm बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में बिहार में कम से कम 163.3 mm बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह जून महीने में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जुलाई महीने में बिहार का सामान्य औसत वर्षा स्तर 340.5 mm रहता है, लेकिन इस बार जुलाई के महीने में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात केवल यह है कि मानसूनी हवाओं के चलने और बादलों की आवाजाही के कारण राज्य का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिलेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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