बिहार में नीट पेपर लीक का असर: पुलिस की छुट्टियां रद्द, कानून व्यवस्था के लिए 3 IAS अफसरों को मिली जिम्मेदारी बिहार एक महीने पहले 42
नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच बिहार पुलिस ने सभी कर्मियों की छुट्टियां अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी हैं। वहीं, हालात को काबू में रखने के लिए तीन आईएएस अधिकारियों को भी विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बिहार पुलिस का बड़ा फैसला

देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की आग अब बिहार में भी तेजी से फैल रही है। राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। यह निर्णय विशेष रूप से नीट आंदोलन के दौरान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने जारी किया आदेश

कानून व्यवस्था के मोर्चे पर किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए, इसके लिए एडीजी (ADG) लॉ एंड ऑर्डर के एस अनुपम ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। डीजीपी (DGP) के स्पष्ट निर्देशों के बाद जारी किए गए इस पत्र में कहा गया है कि 24.07.2026 से लेकर अगले आदेश तक पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। हालांकि, केवल बहुत ही गंभीर या विशेष परिस्थितियों में ही अधिकारियों को छुट्टी की अनुमति मिल सकेगी, अन्यथा सभी को ड्यूटी पर तैनात रहना अनिवार्य होगा।

तीन आईएएस अधिकारियों को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर राज्य में बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने अब आईएएस अधिकारियों को भी मैदान में उतार दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस पूरे मामले में बेहतर समन्वय और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन आईएएस अफसरों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए उठाया गया है ताकि प्रदर्शनों के दौरान उपद्रव को रोका जा सके।

राज्य भर में उग्र हुआ प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ नीट पेपर लीक के विरोध का असर अब बिहार के कोने-कोने में दिखाई दे रहा है। पटना से लेकर जहानाबाद और मुजफ्फरपुर तक छात्र और छात्राएं सड़कों पर उतर आए हैं। कटिहार, दरभंगा और बेगूसराय जैसे जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक हो गई है। कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है, जिसमें पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आई हैं।

हिंसक झड़प और अधिकारियों को चोट

प्रदर्शन के दौरान हो रही हिंसा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कई जगहों पर कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। पटना में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन में भीड़ ने तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। वहीं, कटिहार में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में ड्यूटी पर तैनात अंचल अधिकारी सोनू भगत की आंख में गंभीर चोट लगी है। दरभंगा के लोहिया चौक पर उपजे तनाव को नियंत्रित करने के लिए डीएम और एसएसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर पहुंचना पड़ा। राज्य में बनी इस अशांत स्थिति को देखते हुए आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था के और कड़े होने के आसार हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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