बिहार मौसम अलर्ट: 18 जिलों में आज भारी बारिश और ठनका गिरने का खतरा, IMD ने दी चेतावनी बिहार एक महीने पहले 77
बिहार में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। सीमांचल और मिथिलांचल के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।

बिहार में मानसून का बढ़ा प्रभाव

बिहार में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर काफी तीव्र रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार के उत्तरी, उत्तर-पूर्वी और पूर्वी जिलों में व्यापक रूप से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात यानी ठनका गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसके चलते आम लोगों को खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 18 जिलों में होगी झमाझम बारिश

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आज राज्य के 18 जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। इन जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है उनमें शामिल हैं:

  • पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण
  • गोपालगंज, सीवान और सारण
  • वैशाली और मुजफ्फरपुर
  • सीतामढ़ी और शिवहर
  • दरभंगा और मधुबनी
  • सुपौल, सहरसा और मधेपुरा
  • अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज

इन क्षेत्रों में विशेष रूप से सीमांचल और मिथिलांचल के इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

वज्रपात से बचाव के लिए जरूरी निर्देश

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल और मधुबनी जिलों के निवासियों को वज्रपात के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है। गरज-चमक वाले बादलों के सक्रिय होने पर लोगों को पेड़ों, खेतों, खुले मैदानों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है। सुरक्षित स्थानों पर रहना ही इस स्थिति में सबसे बेहतर बचाव है।

तापमान का हाल और उमस

एक तरफ जहां राज्य के उत्तरी हिस्सों में बारिश का जोर रहेगा, वहीं दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ जिलों में स्थिति अलग होगी। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा और बक्सर जैसे जिलों में बादलों की आवाजाही के बावजूद अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इन इलाकों में बारिश की कमी के कारण लोगों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

सुहावना मौसम और तापमान

दूसरी ओर, बारिश वाले क्षेत्रों जैसे किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा और मधुबनी में मौसम काफी सुहावना रहने की उम्मीद है। इन जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। निरंतर हो रही बारिश और बादलों के छाए रहने के कारण यहां लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र

आज मानसून का सबसे अधिक असर सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल क्षेत्रों में देखा जाएगा। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा, मधुबनी और दरभंगा में दिन भर रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण सहित इन 10 जिलों में मौसम सबसे अधिक खराब रह सकता है। यहां भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे यातायात बाधित होने का खतरा भी है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया गया है।

बीते कल का मौसम

गौरतलब है कि सोमवार को भी बिहार के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता दिखी थी। पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में हल्की से लेकर मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई थी। उस दौरान तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियों ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई, जिससे आम लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली थी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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