बिहार बंद: उपद्रवियों पर सरकार की कड़ी नजर, तोड़फोड़ और हिंसा करने पर तुरंत होगी गिरफ्तारी बिहार एक महीने पहले 44
आइसा द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के मद्देनजर राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं और पुलिस को हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

बिहार में हाई अलर्ट और सरकार की सख्त चेतावनी

आइसा (AISA) द्वारा बुलाए गए बिहार बंद और महागठबंधन के समर्थन को देखते हुए बिहार सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बंद के नाम पर यदि कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ या किसी भी तरह की अराजकता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य भर में सुरक्षा एजेंसियों को असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।

पटना में सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम

बिहार की राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद कर दिया गया है। पटना जंक्शन को एक तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक कृष्ण मुरारी प्रसाद ने स्वयं स्टेशन परिसर का दौरा किया और वहां तैनात सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शहर के प्रमुख स्थानों जैसे कि डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, कारगिल चौक, बस स्टैंड और अन्य महत्वपूर्ण चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, स्थिति पर नजर रखने के लिए वहां वज्र वाहन और क्विक रिस्पॉन्स टीम को तैनात किया गया है।

पूरे राज्य में पुलिस का सख्त पहरा

केवल पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के अन्य प्रमुख जिलों में भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। गया, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, भागलपुर, नालंदा और नवादा सहित राज्य के अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति की लगातार निगरानी करें। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ ही सादे कपड़ों में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है। राज्य भर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और पुलिस की गश्ती टीमें लगातार इलाकों में गश्त कर रही हैं ताकि उपद्रवियों को मौके पर ही पकड़ा जा सके।

बंद का कारण और महागठबंधन का समर्थन

जानकारी के अनुसार, आइसा ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के समर्थन में इस बंद का आह्वान किया है। इस विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भाकपा (CPI), माले (CPI-ML) और वीआईपी (VIP) जैसे दलों सहित महागठबंधन का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के ये व्यापक इंतजाम केवल इसलिए किए गए हैं ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो और विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण बना रहे।

कानून तोड़ने वालों पर होगी त्वरित कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने उपद्रवियों को चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति जबरन सड़क जाम करता है, रेल परिचालन में बाधा डालता है, सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है या आम नागरिकों की सामान्य दिनचर्या को बाधित करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर मौके पर ही कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने भरोसा दिलाया है कि पूरे राज्य में कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ को कड़ाई से नियंत्रित किया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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