बिहार में मानसून का कहर: 30 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पश्चिम चंपारण और गोपालगंज में ऑरेंज अलर्ट जारी बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और राज्य के 30 जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

बिहार पर मानसून की जबरदस्त मार

बिहार में मानसून ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखा दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसे देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 30 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। आने वाले 24 घंटे राज्य के निवासियों के लिए काफी संवेदनशील रहने वाले हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों में भारी से लेकर बहुत अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

पश्चिम चंपारण और गोपालगंज में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने हालात की गंभीरता को समझते हुए राज्य को दो श्रेणियों में अलर्ट पर रखा है। सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों में पश्चिम चंपारण और गोपालगंज शामिल हैं, जहां विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन दोनों ही जिलों में बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

28 अन्य जिलों में येलो अलर्ट

ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा, बिहार के शेष 28 जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इन क्षेत्रों में मध्यम से लेकर भारी बारिश हो सकती है और साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, अररिया, पूर्णिया, भागलपुर, बांका, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं। इन जिलों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

राजधानी पटना का हाल

बिहार की राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में आज दिनभर आकाश में घने काले बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पटना में बहुत अधिक बारिश की संभावना कम है, लेकिन रुक-रुक कर एक से दो दौर की अच्छी बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। इस लगातार हो रही मानसूनी गतिविधि के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत महसूस होगी।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक हुई बारिश के पीछे का कारण स्पष्ट किया है। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिसके प्रभाव से नमी से भरी मानसूनी हवाएं लगातार बिहार के वायुमंडल में प्रवेश कर रही हैं। इसी नमी के कारण पूरे राज्य में बारिश की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम का यह मिजाज अभी जल्दी बदलने वाला नहीं है। अगले 7 दिनों तक बिहार के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह

खराब मौसम और आकाशीय बिजली को देखते हुए आपदा प्रबंधन के नजरिए से विभाग ने लोगों को कुछ खास हिदायतें दी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे तेज हवा, गर्जन और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित सावधानियां बरतें:

  • पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से पूरी तरह बचें।
  • बिजली के ऊंचे खंभों या तारों के आसपास जाने से बचें।
  • मौसम खराब होने पर सुरक्षित और पक्के मकानों के भीतर ही रहें।
  • अपने पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें।

प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि सावधानी ही बचाव है, इसलिए बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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