बिहार
2 घंटे पहले
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परिवार के गंभीर आरोप
भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है। भरत के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भरत के भाई चंदन तिवारी का कहना है कि उनके भाई की हत्या की गई है। चंदन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मां का दावा, नहीं मिला सरेंडर का मौका
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे को आत्मसमर्पण करने का कोई अवसर नहीं दिया। मां के अनुसार, उनका बेटा समाज के गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों की आवाज उठाता था, जिसके कारण उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। मां का दावा है कि मौत से ठीक पहले भी भरत भारत माता की जय के नारे लगा रहा था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मानसिक स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
परिवार ने यह भी बताया कि भरत का मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था। मां ने सवाल किया कि अगर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, तो क्या उसे सीधे गोली मार देना ही एकमात्र विकल्प था। पिता का कहना है कि जब बड़े-बड़े अपराधियों को जिंदा पकड़ा जा सकता है, तो भरत के मामले में पुलिस ने ऐसी कार्रवाई क्यों की।
न्यायिक जांच की उम्मीद
परिजनों का आरोप है कि पुलिस असल अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों को निशाना बनाती है जो समाज के हक की बात करते हैं। परिवार ने यह भी शिकायत की है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें प्रशासन द्वारा डराने और धमकाने का प्रयास किया गया। अब परिवार को मुख्यमंत्री के आदेश पर होने वाली न्यायिक जांच से न्याय की उम्मीद है, जिसकी निगरानी हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।
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