भरत तिवारी एनकाउंटर पर बिहार पुलिस का बड़ा बयान, शाहपुर पुलिस की लापरवाही मानी बिहार एक महीने पहले 47
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ी चूक स्वीकार की है। एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में लापरवाही के चलते कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और जांच जारी है।

भरत तिवारी मामले में पुलिस मुख्यालय की स्वीकारोक्ति

भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पहली बार बिहार पुलिस मुख्यालय ने खुलकर अपनी गलती मानी है। कानून व्यवस्था के एडीजी सुधांशु कुमार ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि इस घटना के दौरान शाहपुर पुलिस से बड़ी चूक हुई थी। उन्होंने बताया कि जब पुलिस की टीम भरत तिवारी के घर पहुंची थी, तब उसे जिस तरह से संभालना चाहिए था, वैसा नहीं हो सका।

पुलिसकर्मियों पर गिरी निलंबन की गाज

इस लापरवाही का संज्ञान लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने सख्त कदम उठाए हैं। एडीजी ने जानकारी दी कि मामले में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित को निलंबित कर दिया गया है:

  • एक थानाध्यक्ष
  • दो सब-इंस्पेक्टर
  • एक एएसआई
  • दो सिपाही

कई स्तरों पर जारी है निष्पक्ष जांच

एडीजी ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई स्तरों पर जांच की जा रही है। विभागीय जांच की पूरी जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के डीआईजी को दी गई है। वैज्ञानिक और विधि-सम्मत तरीके से साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने इस मामले में पटना हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच के भी आदेश दिए हैं।

दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज

इस पूरे प्रकरण को लेकर अब तक दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनके नंबर 179/26 और 170/26 हैं। इन दोनों ही मामलों की पड़ताल अलग-अलग स्तर पर चल रही है। एडीजी सुधांशु कुमार ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

एनकाउंटर और आत्मरक्षा का तर्क

आत्मरक्षा में पुलिस कार्रवाई के अधिकार पर बात करते हुए एडीजी ने कहा कि जब कोई अपराधी पुलिस दल पर हमला करता है, तब पुलिस के पास जवाबी कार्रवाई करने का कानूनन अधिकार होता है। हालांकि, भरत तिवारी मामले में परिजनों और राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। गौरतलब है कि यह घटना 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में हुई थी, जिसे लेकर पुलिस ने आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई का दावा किया था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप