बांकीपुर उपचुनाव में नितिन नवीन और सम्राट चौधरी की हुंकार, रोड शो से गर्माया पटना का चुनावी माहौल बिहार 38 मिनट पहले 1
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक भव्य रोड शो के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी ओर जन सुराज के प्रशांत किशोर ने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मुकाबले को कड़ा और त्रिकोणीय बना दिया है।

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी का मेगा शक्ति प्रदर्शन

पटना की बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। आगामी 30 जुलाई को होने वाले मतदान से ठीक पहले, सोमवार का दिन सियासी उठापटक के नाम रहा। चुनाव प्रचार का अंतिम दौर होने के कारण सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत सड़कों पर उतार दी है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में विशाल रोड शो कर अपनी मजबूती का अहसास कराया, तो वहीं दूसरी ओर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सत्ताधारी एनडीए पर तीखे हमले करते हुए मुकाबले को और भी अधिक रोचक बना दिया है।

प्रतिष्ठा का प्रश्न और रोड शो का सफर

बांकीपुर सीट पर लगातार 5 बार विधायक रहे नितिन नवीन के लिए यह चुनाव महज एक सीट जीतने का नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। सोमवार को आयोजित इस मेगा रोड शो ने पटना की सड़कों पर चुनावी रंग भर दिया। यह भव्य काफिला भट्टाचार्य मोड़ से शुरू होकर पीरमुहानी, बुद्धमूर्ति, साहित्य सम्मेलन और दरियापुर जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए गांधी मैदान के पास जाकर संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों और स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने वातावरण को पूरी तरह भगवामय कर दिया।

फूलों की बौछार और विकास के वादे

बीजेपी के इस भव्य रोड शो में फूलों से सजा हुआ एक खुला रथ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा, जिस पर पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सवार थे। पूरे रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जय श्रीराम के उद्घोष किए और पार्टी के झंडे लहराए। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पटना के चहुंमुखी विकास, मेट्रो परियोजना और जेपी गंगा पथ जैसी कनेक्टिविटी को तेज गति प्रदान करने के लिए एनडीए प्रत्याशी की जीत अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद विपक्षी नेता जनता के बीच नजर नहीं आते, जबकि बीजेपी और एनडीए के प्रतिनिधि हर समय जन सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।

कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार

इस आक्रामक प्रचार शैली का सीधा असर बीजेपी के जमीनी कार्यकर्ताओं पर देखने को मिल रहा है। पार्टी के भीतर का उत्साह सातवें आसमान पर है और नेताओं का मानना है कि नितिन नवीन का यह रोड शो कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने का काम करेगा। बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर यह संदेश फैला रहे हैं कि बांकीपुर हमेशा से एनडीए का एक मजबूत गढ़ रहा है और इसे विकास की राह से भटकने नहीं दिया जाएगा। पार्टी की ओर से लगातार मतदाताओं से संपर्क साधने की कोशिशें जारी हैं ताकि 30 जुलाई के दिन जीत सुनिश्चित की जा सके।

प्रशांत किशोर का पलटवार और आरोप

रोड शो और बीजेपी की सक्रियता के बीच, जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने अपनी घेराबंदी तेज कर दी है। सोमवार को उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष 24 घंटे का अल्टीमेटम पेश करते हुए गंभीर आरोप लगाए। प्रशांत किशोर का दावा है कि राज्य सरकार बांकीपुर चुनाव को प्रभावित करने के लिए सरकारी तंत्र और विशेष रूप से जीविका दीदियों के नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो जन सुराज के कार्यकर्ता चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।

त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ते कदम

प्रशांत किशोर बांकीपुर की गलियों में लगातार पदयात्राएं और चौपालें आयोजित कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से सवर्ण, कायस्थ, वैश्य समाज और युवाओं के वोट बैंक पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश में जुटे हैं। पीके का आरोप है कि पिछले दो दशकों से बांकीपुर की जनता कागजी विकास और जलजमाव जैसी समस्याओं से जूझ रही है, इसलिए इस बार मतदाता बदलाव के लिए तैयार हैं। उनका दावा है कि बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक इस बार सुरक्षित नहीं है और जनता एक नया विकल्प चुनने का मन बना चुकी है।

30 जुलाई का दिन होगा निर्णायक

सोमवार के चुनावी घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बांकीपुर का मुकाबला अब केवल एक विधायक चुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की साख और प्रशांत किशोर के व्यवस्था परिवर्तन के वादे के बीच एक बड़ी लड़ाई बन चुका है। नितिन नवीन और सम्राट चौधरी ने अपनी पूरी ताकत झोंककर बीजेपी समर्थकों को एकजुट किया है, वहीं प्रशांत किशोर के लगातार हमलों ने इस चुनावी जंग को त्रिकोणीय और अनिश्चित बना दिया है। अब सभी की निगाहें 30 जुलाई पर टिकी हैं, जब बांकीपुर के मतदाता तय करेंगे कि वे कमल पर मुहर लगाएंगे या प्रशांत किशोर का दांव कोई नया परिणाम लेकर आएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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