राष्ट्रीय राजनीति
3 घंटे पहले
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दिल्ली में सुरक्षा का कड़ा पहरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12 सितंबर 2026 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेने के लिए 21 देशों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं, जिनमें 16 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हैं। विदेशी मेहमानों की भारी संख्या और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली को सुरक्षा के लिहाज से किले में तब्दील कर दिया गया है। विशेष रूप से भारत मंडपम, मध्य दिल्ली और उन होटलों पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर है जहां विदेशी प्रतिनिधि रुकने वाले हैं।
विमानन सेवाओं में बड़े बदलाव
सुरक्षा के इन पुख्ता इंतजामों का असर दिल्ली के हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी मेहमानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो, इसके लिए दिल्ली के साथ ही 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले हवाई अड्डों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 11 सितंबर 2026, शुक्रवार से लेकर 13 सितंबर 2026 तक की अवधि के लिए ये विशेष सुरक्षा नियम लागू कर दिए गए हैं।
IGI एयरपोर्ट और अन्य हेलीपैड की स्थिति
इस उच्च स्तरीय सम्मेलन के दौरान हवाई परिचालन को लेकर जो प्रमुख निर्देश जारी किए गए हैं, वे इस प्रकार हैं:
- देश के सबसे व्यस्त IGI एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ पर पाबंदी लगाई गई है।
- सफदरजंग हवाई अड्डा को इस दौरान पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
- रोहिणी हेलीपैड का संचालन भी पूरी तरह से रोक दिया गया है।
प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे इन नियमों को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, अन्यथा उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सुरक्षा का यह घेरा जमीन से लेकर आसमान तक बेहद चाक-चौबंद रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश न रहे। बड़ी संख्या में आने वाले प्रतिनिधिमंडलों के कारण सुरक्षा तंत्र को अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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