अयोध्या से जनकपुर तक दौड़ेगी सीधी ट्रेन! भारत-नेपाल रेल कनेक्टिविटी पर तेज हुई तैयारी व्यापार एक महीने पहले 36
भारत और नेपाल भगवान राम की नगरी अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर को रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जल्द ही श्रद्धालुओं को काठमांडू, अयोध्या और जनकपुर के बीच सीधी यात्री ट्रेन सेवा की सुविधा मिल सकती है।

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को अब नई गति मिलने के आसार बन रहे हैं। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर को रेल मार्ग से आपस में जोड़ने की योजना पर दोनों देशों के बीच सहमति बनती दिख रही है। आने वाले समय में श्रद्धालुओं को काठमांडू से अयोध्या और जनकपुर तक सीधी पैसेंजर ट्रेन सेवा का तोहफा मिल सकता है। इस पहल से जहां दोनों देशों के बीच सीमा पार कनेक्टिविटी और मजबूत होगी, वहीं दोनों ओर के लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा भी कहीं अधिक सहज हो जाएगी।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच 11 और 12 जून को दो अहम बैठकें हुईं। ये चर्चाएं 10वीं प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी (PSC) और 8वीं जॉइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की बैठकों के तहत आयोजित की गईं। बातचीत का सबसे प्रमुख मुद्दा जनकपुर-अयोध्या रूट पर नियमित यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करना रहा। दोनों देश इस रूट को जल्द से जल्द चालू करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

जनकपुर और अयोध्या: दो पवित्र नगरों का सीधा जुड़ाव

माता सीता की पावन जन्मस्थली माने जाने वाला नेपाल का जनकपुर शहर राजधानी काठमांडू से करीब 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में बसा है। वहीं भारत की रामनगरी अयोध्या से इसकी दूरी पूर्व दिशा में लगभग 500 किलोमीटर है। फिलहाल भारत और नेपाल दोनों ओर से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन दोनों पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद तीर्थयात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।

इन परियोजनाओं पर भी बनी सहमति

  • रक्सौल-काठमांडू लिंक: बिहार के रक्सौल को नेपाल की राजधानी काठमांडू से जोड़ने वाले ब्रॉड गेज रेलवे लिंक की फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट पर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया।
  • जयनगर-बरदीबास लाइन: भारत के सहयोग से बन रही जयनगर-बीजलपुरा-बरदीबास ब्रॉड गेज रेलवे लाइन के काम को और तेज गति देने पर रजामंदी बनी।
  • जोगबनी-विराटनगर रूट: सीमावर्ती व्यापार और आवाजाही को बढ़ावा देने के मकसद से जोगबनी से विराटनगर ब्रॉड गेज रेल मार्ग के निर्माण कार्य की समीक्षा की गई।
राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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