संसदीय समिति का बड़ा फैसला: क्रिप्टोकरेंसी और AI समेत 46 विषयों की होगी गहन जांच व्यापार एक घंटा पहले 5
वित्त संबंधी स्थायी समिति ने आगामी वित्त वर्ष के लिए अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।

समिति के एजेंडे में शामिल हैं 46 महत्वपूर्ण विषय

संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने चालू वित्त वर्ष की अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है। समिति ने देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े कुल 46 विषयों को चुना है, जिन पर विस्तार से जांच की जाएगी और फिर उनकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इन विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का वित्तीय प्रभाव और क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) जैसे आधुनिक मुद्दे शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इसी महीने की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न मंत्रालयों से जुड़ी संसदीय समितियों का पुनर्गठन किया था।

भर्तृहरि महताब को मिली जिम्मेदारी

इस महत्वपूर्ण समिति की कमान एक बार फिर बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब को सौंपी गई है। समिति में कुल 31 सदस्य शामिल हैं, जिनमें लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सांसद प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, यह समिति 2026-27 के दौरान वित्त मंत्रालय, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, नीति आयोग और सांख्यिकी तथा कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के कार्यक्षेत्र में आने वाले प्रमुख विषयों का गहन मूल्यांकन करेगी।

बैंकिंग और बीमा क्षेत्र की होगी समीक्षा

समिति का ध्यान बैंकिंग, पेंशन और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों पर विशेष रहेगा। इसके अलावा, देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए मूल्य और मुद्रा स्थिरता के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियों, मुद्रा प्रबंधन और सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों के मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) पर भी विस्तृत मंथन होगा। साथ ही, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन और केंद्र सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी नीतियों के प्रभाव का भी जमीनी स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा।

शेयर बाजार नियामक सेबी और टैक्स सुधारों पर नजर

समिति के एजेंडे में शेयर बाजार नियामक सेबी के कामकाज की कार्यकुशलता की समीक्षा भी प्रमुख है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बदलती अर्थव्यवस्था में भूमिका, छोटी बचत योजनाओं की स्थिति और कस्टम, GST एवं प्रत्यक्ष करों में आवश्यक सुधारों पर पैनल गौर करेगा। पैनल का विशेष फोकस वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से जुड़ी चुनौतियों, एनबीएफसी (NBFC) क्षेत्र की नियामक खामियों और वित्तीय जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग व जोखिमों के विश्लेषण पर होगा।

कॉर्पोरेट जगत और नीति आयोग की जवाबदेही

कॉर्पोरेट मामलों के संदर्भ में, समिति नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के समक्ष मौजूद बाधाओं को दूर करने के तरीकों पर विचार करेगी। साथ ही ऑडिटरों की जवाबदेही, सीएसआर (CSR) गतिविधियों और कॉर्पोरेट ई-गवर्नेंस की समीक्षा भी की जाएगी। इसके अलावा, नीति आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के लिए बनाए जा रहे रोडमैप और आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम) के प्रदर्शन का भी लेखा-जोखा लिया जाएगा। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत पैनल राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी का अध्ययन करेगा ताकि आर्थिक डेटा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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