दिल्ली में खालिस्तानी ग्रैफिटीज मामला: दिलजीत दोसांझ के शो के खिलाफ बड़ी साजिश का भंडाफोड़, महिला समेत 3 गिरफ्तार राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 4
दिल्ली के जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे और पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के खिलाफ विवादित बातें लिखने के मामले में पुलिस की स्पेशल सेल ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

राजधानी दिल्ली में लोकप्रिय पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ को निशाना बनाने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली मेट्रो के दो प्रमुख स्टेशनों की दीवारों और फर्श पर खालिस्तान समर्थक आपत्तिजनक नारे लिखने के आरोप में तीन लोगों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल है।

इस पूरी कार्रवाई में प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़ा एक गिरोह सामने आया है। पुलिस जांच में यह बात उजागर हुई है कि आरोपियों को सार्वजनिक स्थानों पर भड़काऊ ग्रैफिटीज लिखने के लिए पैसों का बड़ा लालच दिया गया था। इसके लिए बाकायदा विदेशों में बैठे हैंडलर्स द्वारा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों पर क्या लिखा मिला था?

इस पूरे मामले की शुरुआत 29 अक्टूबर 2026 को हुई, जब जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर खालिस्तान के समर्थन में और गायक दिलजीत दोसांझ के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे पाए गए। इसके अगले ही दिन यानी 30 अक्टूबर 2026 को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर भी इसी तरह का संदेश लिखा हुआ मिला।

दोनों स्थानों पर अंग्रेजी भाषा के अक्षरों में 'DILJIT SINGH QUAM D GADDAR KHOON D BADLA SFJ KHALISTAN' लिखा गया था। इस भड़काऊ संदेश में गायक दिलजीत सिंह का नाम लेते हुए कौम से गद्दारी का आरोप लगाया गया था और SFJ व खालिस्तान का जिक्र किया गया था। दिल्ली के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर इस प्रकार के संदेश लिखे जाने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

विशेष पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और पंजाब से गिरफ्तारियां

सार्वजनिक संपत्ति पर देशविरोधी संदेश लिखे जाने की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज को सौंपी गई। जांच का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और इंस्पेक्टर परवीन कुमार की टीम ने किया।

पुलिस टीम ने सबसे पहले संबंधित मेट्रो स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी निगरानी की मदद ली। गहन छानबीन के बाद पुलिस सबसे पहले सुमीत उर्फ रफ्तार तक पहुंचने में सफल रही। उसे हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। सुमीत से मिले सुरागों के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम ने पंजाब में तुरंत छापेमारी की और वहां से सुमित कुमार उर्फ काका तथा गुरप्रीत को धर दबोचा।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों की प्रोफाइल और पहचान

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  • सुमीत उर्फ रफ्तार: इसकी उम्र 30 वर्ष है। यह मूल रूप से हरियाणा के पानीपत स्थित गांधी कॉलोनी का रहने वाला है।
  • सुमित कुमार उर्फ काका: इसकी उम्र 22 वर्ष है। यह पंजाब के डेरा बाबा नानक का निवासी है।
  • गुरप्रीत: इसकी उम्र 22 वर्ष है। यह पंजाब के होशियारपुर जिले की रहने वाली है।

पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने में सुमित कुमार उर्फ काका ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

प्रतिबंधित संगठन SFJ का नेटवर्क और काम करने का तरीका

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुमित कुमार उर्फ काका का संपर्क पंजाब के लुधियाना और गुरदासपुर में खालिस्तान समर्थक विचारधारा से जुड़े कुछ संदिग्ध तत्वों से हुआ था। इन्हीं संपर्कों के जरिए सुमित को एक विशेष एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप अपने फोन में डाउनलोड करने के लिए कहा गया था।

इसी गुप्त ऐप के माध्यम से SFJ से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति ने सुमित से संपर्क किया और उसे दिल्ली में खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटीज लिखने का काम सौंपा। हैंडलर ने नारे लिखने के लिए बाकायदा डिजाइन और टेम्पलेट भेजे थे। इस काम को पूरा करने के बदले सुमित को मोटी रकम देने का वादा किया गया था। लालच में आकर सुमित ने अपने साथ दो अन्य परिचितों, सुमीत उर्फ रफ्तार और गुरप्रीत को इस योजना में शामिल कर लिया और उन्हें दिल्ली आने के लिए मना लिया।

दिल्ली पहुंचकर इस तरह दिया वारदात को अंजाम

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी 28 अक्टूबर 2026 को पंजाब से किराए की टैक्सी लेकर दिल्ली के लिए निकले थे। वे 29 अक्टूबर की तड़के कश्मीरी गेट आईएसबीटी पहुंचे और वहां से अलग-अलग मेट्रो स्टेशनों की ओर बढ़े:

  • जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन: सुमीत उर्फ रफ्तार जहांगीरपुरी पहुंचा और वहां फर्श पर नारे लिखे। उसने नारे लिखते हुए अपना एक वीडियो भी बनाया और उसे सबूत के तौर पर अपने विदेशी हैंडलर्स को ऐप के जरिए भेज दिया।
  • शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन: सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन जाकर सीढ़ियों की दीवार पर ग्रैफिटीज लिखीं।

यह पूरी घटना 28 और 29 अक्टूबर की दरमियानी रात में अंजाम दी गई थी। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही इन स्थानों पर ग्रैफिटीज लिखी थीं। इसके अलावा, सुमित कुमार उर्फ काका ने यह भी कबूल किया कि उसने 30 अक्टूबर 2026 को समयपुर बादली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में जीटीके बाईपास के पास भी भड़काऊ नारे लिखे थे, जिसकी जांच अलग से की जा रही है।

लाइव स्ट्रीमिंग ऐप्स पर हुई थी आरोपियों की मुलाकात

आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और आपसी संबंधों की पड़ताल करने पर कई रोचक तथ्य सामने आए हैं:

  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संपर्क: सुमीत उर्फ रफ्तार पहले बिगो लाइव (Bigo Live) प्लेटफॉर्म पर एक फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम करता था। भारत सरकार द्वारा 2019 में इस ऐप पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उसने टैंगो लाइव (Tango Live) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू किया। इसी ऐप के माध्यम से उसकी मुलाकात सुमित कुमार उर्फ काका से हुई थी।
  • शिक्षा और बैकग्राउंड: सुमीत 12वीं तक पढ़ा है और उसने पंजाब के मोगा स्थित आईटीआई अजितवाल में दाखिला लिया था, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं की। घटना से लगभग एक सप्ताह पहले वह लुधियाना गया था, जिसके बाद तीनों ने मिलकर दिल्ली आने की योजना बनाई।
  • आरोपी गुरप्रीत का प्रोफाइल: गुरप्रीत भी 12वीं पास है। उसने पंजाब के जीरकपुर में एक ब्यूटी सैलून में काम किया था और वह पंजाब तथा हरियाणा के विभिन्न होटलों में काम कर चुकी है। सुमित कुमार भी 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन बाद में वह नशे की लत और असामाजिक गतिविधियों में पड़ गया। करीब चार साल पहले सुमित और गुरप्रीत की मुलाकात हरियाणा के समालखा के एक होटल में हुई थी, जहां गुरप्रीत काम करती थी। इसके बाद से दोनों साथ रह रहे थे।
  • शॉपिंग के बहाने दिल्ली लाया गया: गुरप्रीत ने पूछताछ में बताया कि सुमित उसे दिल्ली में शॉपिंग कराने का झांसा देकर लाया था। दिल्ली पहुंचने के बाद ही उसे मेट्रो स्टेशनों पर नारे लिखने की योजना के बारे में बताया गया, जिसके बाद उसने शास्त्री नगर में सुमित का साथ दिया।

फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उन सभी विदेशी और स्थानीय हैंडलर्स की तलाश कर रही है जो सोशल मीडिया और गुप्त ऐप्स के जरिए भारतीय युवाओं को पैसों का लालच देकर देशविरोधी गतिविधियों में धकेल रहे हैं।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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