पानीपत: SBI मैनेजर हत्याकांड का खुलासा, मुठभेड़ के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार हरियाणा 2 घंटे पहले 3
पानीपत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर हर्षद कुमार की लूटपाट के बाद हुई हत्या के मामले में पुलिस ने शरद उर्फ जोगी, सचिन और नवीन को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी।

हरियाणा के पानीपत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर हर्षद कुमार की हत्या और लूटपाट की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शरद उर्फ जोगी, सचिन और नवीन के रूप में हुई है। पानीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का पूरा खुलासा किया।

कैसे हुई वारदात

एसपी भूपेंद्र सिंह के अनुसार, हर्षद कुमार बीती 1 जून की रात हिसार से पानीपत लौटे थे। शहर पहुंचने के बाद वे सेक्टर-25 स्थित मित्तल मॉल के पीछे वाले रास्ते से पैदल अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वे अपने मोबाइल फोन पर पत्नी से बात कर रहे थे और उन्होंने कुछ ही देर में घर पहुंचने की बात कही थी।

लेकिन जैसे ही उन्होंने कॉल काटी, घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। आरोपियों ने हर्षद कुमार को बंधक बनाकर उनसे सोने की चेन, ब्रेसलेट और अन्य कीमती सामान जबरन लूट लिया।

विरोध करने पर सिर में घोंपा पेचकस

जब हर्षद कुमार ने हार मानने के बजाय बदमाशों का डटकर सामना करना चाहा, तो आरोपियों ने आपा खो दिया और उनके सिर तथा गर्दन के पास नुकीला पेचकस घोंप दिया। इस जानलेवा हमले से हर्षद कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और आरोपी लूटा हुआ सामान लेकर मौके से फरार हो गए।

पहली गिरफ्तारी और बाईपास पर मुठभेड़

एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। बुधवार को दिन के समय पुलिस को पहली कामयाबी मिली, जब उसने सुल्तानपुर (दिल्ली) के रहने वाले आरोपी शरद उर्फ जोगी को गिरफ्तार किया।

कड़ी पूछताछ में शरद उर्फ जोगी ने अपने बाकी साथियों के ठिकाने का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर जब पुलिस टीम बुधवार रात अन्य दो आरोपियों को पकड़ने बापौली बाईपास पहुंची, तो खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।

बदमाशों ने किए 2 फायर, पुलिस ने चलाईं 9 गोलियां

बाईपास पर खुद को कानून के शिकंजे में फंसता देख बदमाशों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए 2 राउंड फायर किए। आत्मरक्षा और आरोपियों को काबू करने के लिए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए 9 गोलियां चलाईं।

इस आमने-सामने की मुठभेड़ में पुलिस की गोलियां दो बदमाशों के पैरों में लगीं। सचिन के बाएं पैर में गोली लगी, जबकि सुभाष नगर, तहसील कैंप के निवासी नवीन के दाहिने पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद दोनों बदमाश वहीं गिर गए और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। घायल आरोपियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया है।

आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस जांच और रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। मुठभेड़ में घायल नवीन और सचिन के खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में लूटपाट के 3-3 मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर वारदात में इस्तेमाल किया गया पेचकस तथा हर्षद कुमार से लूटी गई सोने की चेन और ब्रेसलेट बरामद करने का प्रयास करेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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