विश्व
एक महीने पहले
73
विचारों
विमान का अचानक संपर्क टूटना
संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से उड़ान भरने के बाद पाकिस्तान जा रहा एक कार्गो विमान मंगलवार की रात रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया है। इस विमान का गंतव्य कराची था। विमान के भीतर चालक दल के 5 सदस्य मौजूद थे। जब विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रडार से कट गया, तो पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने तत्काल प्रभाव से अरब सागर में व्यापक खोज और बचाव अभियान छेड़ दिया है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, के-2 एयरवेज का यह बोइंग 737 कार्गो विमान मंगलवार रात लगभग 9:18 बजे अपनी उड़ान पर था, तभी इसके नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी समस्याओं का पता चला। कराची स्थित एरिया कंट्रोल सेंटर ने विमान को तत्काल जरूरी दिशा-निर्देश मुहैया कराने का प्रयास किया था।
रडार से गायब होने की पूरी घटना
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि रात 9:22 बजे विमान रडार पर तेजी से ऊंचाई कम करते हुए देखा गया था। इसी समय विमान ने अपना मार्ग भी अचानक बदल लिया। संपर्क टूटने का यह स्थान कराची से करीब 155 नॉटिकल मील पश्चिम की ओर बताया जा रहा है। जैसे ही संपर्क पूरी तरह समाप्त हुआ, रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को तुरंत सक्रिय मोड पर डाल दिया गया है। फिलहाल, कई सरकारी एजेंसियां अरब सागर में विमान और उसके चालक दल का पता लगाने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं।
अत्यंत खतरनाक दर से नीचे गिरा विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार24 से प्राप्त प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस विमान की अंतिम क्षणों की गतिविधियां काफी डरावनी थीं। डेटा बताता है कि विमान ने पहले ऊंचाई खोई, फिर वह थोड़ा ऊपर चढ़ा और फिर अचानक बहुत ही तीव्र गति से नीचे की ओर जाने लगा। विमान का अंतिम डेटा रिकॉर्ड होने के समय उसकी ऊंचाई समुद्र तल से महज 1,100 फीट (335 मीटर) दर्ज की गई थी। उस दौरान विमान के नीचे उतरने की गति 22,400 फीट प्रति मिनट थी, जिसे विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञ सामान्य के मुकाबले बेहद असामान्य और खतरनाक स्थिति मानते हैं।
बलूचिस्तान तट के पास खोया संपर्क
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब विमान बलूचिस्तान प्रांत के ओरमारा तट के ऊपर से गुजर रहा था। के-2 एयरवेज पाकिस्तान की एक निजी कार्गो कंपनी है जो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों का संचालन करती है। यह विशेष बोइंग 737 विमान साल 1999 में निर्मित हुआ था। अपनी शुरुआत में यह एक यात्री विमान था, जिसका उपयोग एयरोफ्लोट और गरुड़ा इंडोनेशिया जैसी एयरलाइंस द्वारा किया गया था। बाद में वर्ष 2012 में इसे कार्गो विमान के रूप में परिवर्तित किया गया था। वर्तमान में बचाव दल लगातार समुद्र में विमान के मलबे और लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
Comments
0 comment