PoK में प्रदर्शनकारियों के आगे झुके शहबाज शरीफ, बोले- बातचीत के लिए तैयार है सरकार विश्व एक घंटा पहले 2
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे तनाव के बीच बातचीत का प्रस्ताव रखा है, साथ ही हिंसा फैलाने वालों को सख्त चेतावनी भी दी है।

बातचीत से निकलेगा समाधान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में लंबे समय से चल रहे तनाव को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। लंबे समय तक प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने और उन्हें गद्दार कहने वाली सरकार का रुख अब बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं का हल केवल बातचीत की मेज पर ही निकाला जा सकता है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि सरकार जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और स्थानीय प्रदर्शनकारियों के साथ चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

शांति और धैर्य की अपील

शहबाज शरीफ ने अपने बयान में कहा है कि यदि लोगों को कोई शिकायत है या वे किन्हीं समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो इसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से चर्चा के जरिए होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह चाहते हैं कि जो लोग धैर्य और सहनशीलता के साथ अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें बातचीत का उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भविष्य में नई सरकार के गठन के बाद भी प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद का यह सिलसिला जारी रहेगा।

हिंसा पर सख्त लहजा

हालांकि प्रधानमंत्री ने बातचीत का न्यौता देने के साथ ही हिंसा करने वालों को सख्त चेतावनी भी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वालों के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं, लेकिन क्षेत्र में अराजकता और अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी और अशांति फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तनाव की जड़ और चिंताएं

शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे PoK में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांगों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह इलाका लंबे समय से तनाव और सरकार के प्रति असंतोष की आग में झुलस रहा है। देखना यह होगा कि सरकार के इस नए रुख के बाद क्या वास्तव में बातचीत का दौर शुरू हो पाता है और क्या इससे जमीन पर स्थिति सामान्य हो पाएगी।

ब्रिटिश नागरिक की मौत का मामला

इस बीच, इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की जान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में यह खुलासा हुआ है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई एक हिंसक झड़प में एक ब्रिटिश नागरिक की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना 9 जून को कोटली में हुई थी, जब सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारी आमने सामने थे। मृतक की पहचान मोहम्मद अख्तर के रूप में हुई है, जिनकी मौत एक भटकी हुई गोली लगने से हुई। हैरानी की बात यह है कि इस घटना की जानकारी इतने दिनों तक सार्वजनिक नहीं की गई थी। अब इस मामले के सामने आने के बाद वहां के हालात और सुरक्षा के दावों पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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