पीओके में घिरने के बाद सर क्रीक पर नजर, अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना का युद्धाभ्यास और आसिम मुनीर का नया दांव विश्व एक घंटा पहले 4
पाकिस्तान ने हाल ही में अरब सागर और विवादित सर क्रीक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौसैनिक युद्धाभ्यास किया है, जबकि सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने नए रक्षा कानूनों के जरिए सैन्य कमान को अपने हाथों में केंद्रित कर लिया है।

एक तरफ जहां पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) आंतरिक संकटों और असंतोष के कारण उसके नियंत्रण से बाहर होता दिख रहा है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी मुल्क भारत की सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में नई सैन्य उकसावेबाजी में व्यस्त है। भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान मिली ऐतिहासिक शिकस्त को पाकिस्तान आज तक नहीं भुला पाया है। यही वजह है कि खुद को सैन्य रूप से सक्षम दिखाने की होड़ में वह लगातार उकसावे वाली गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी नौसेना ने अरब सागर और उससे सटे इलाकों में एक बड़ा सैन्य अभ्यास किया, जिसके जरिए उसने भारत को रणनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

'करार - द रिलेंटलेस स्ट्राइकर' और सर क्रीक का विवाद

पाकिस्तानी नौसेना ने हाल ही में अपने विशेष सैन्य अभ्यास का एक आधिकारिक वीडियो जारी किया है। इस अभ्यास को 'करार - द रिलेंटलेस स्ट्राइकर' नाम दिया गया था। इस वीडियो ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है क्योंकि इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवादित रहे सर क्रीक के तटीय इलाके को भी दिखाया गया है। सर क्रीक वह दलदली और खाड़ी क्षेत्र है जिस पर पाकिस्तान हमेशा से बुरी नजर रखता आया है।

सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह युद्धाभ्यास 16 अगस्त से 22 अगस्त के बीच बलूचिस्तान और सिंध के तटीय क्षेत्रों में कई अलग-अलग ठिकानों पर आयोजित किया गया था। इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य पाकिस्तानी नौसेना की समुद्री सुरक्षा, युद्ध कौशल और किसी भी बाहरी खतरे का मुकाबला करने की तैयारियों का प्रदर्शन करना था। इस पूरे अभ्यास की निगरानी खुद पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ ने की। उन्होंने बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास के संदर्भ में अपनी सेना की युद्धक क्षमताओं और रणनीतिक तैयारियों की समीक्षा भी की। इस ड्रिल में पाकिस्तानी नौसेना के आधुनिक युद्धपोत, विशेष मरीन कमांडो और भारी संख्या में सैन्यकर्मियों ने हिस्सा लिया और अपनी युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

अबाबील अभ्यास और अरब सागर में सक्रियता

पाकिस्तान की यह सैन्य गतिविधि केवल एक अभ्यास तक सीमित नहीं है। वह इस समय एक साथ कई मोर्चों पर अपनी सेनाओं को सक्रिय रखने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तानी नौसेना 'अबाबील' नाम से एक अन्य महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास भी संचालित कर रही है। इस्लामाबाद का दावा है कि इन अभ्यासों के माध्यम से वह अरब सागर और हिंद महासागर में उत्पन्न होने वाले संभावित समुद्री सुरक्षा खतरों से निपटने की अपनी क्षमता को मजबूत बना रहा है। इन अभ्यासों के दौरान नौसैनिक जहाजों ने कई जटिल समुद्री ऑपरेशन किए, जबकि मरीन जवानों ने तटीय सुरक्षा और दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के अपने कौशल का प्रदर्शन किया।

हथियार फैक्ट्री का दौरा और नया सैन्य गठजोड़

इन नौसैनिक अभ्यासों के बीच पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने अचानक पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) का दौरा किया। इस दौरे को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने वहां सेना के लिए तैयार किए जा रहे हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन की बारीकी से समीक्षा की। जनरल मुनीर ने कारखाने में स्थापित किए गए दो नए औद्योगिक संयंत्रों (इंडस्ट्रियल प्लांट) का भी मुआयना किया, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि इस साल के अंत तक उनमें पूरी तरह से उत्पादन शुरू हो जाएगा।

आसिम मुनीर का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर नए सैन्य समीकरण बना रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्किए के साथ ऐतिहासिक 'मक्का पैक्ट' पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, उसे चीन से लगातार भारी निवेश और अत्याधुनिक रक्षा सहयोग भी मिल रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेना प्रमुख का यह दौरा महज एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि यह पाकिस्तान की नई और आक्रामक रक्षा रणनीति का हिस्सा है। इस कूटनीतिक और रणनीतिक बदलाव को भारत की सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

सैन्य कमान में बड़ा फेरबदल: शक्तिशाली बने आसिम मुनीर

पाकिस्तान केवल अपनी हथियार प्रणाली का आधुनिकीकरण नहीं कर रहा है, बल्कि वह अपनी तीनों सेनाओं के कमान ढांचे में भी बड़ा बदलाव ला रहा है। अगस्त 2026 में पाकिस्तान की संसद ने 'डिफेंस फोर्सेज ऑफ पाकिस्तान एक्ट' को मंजूरी दी थी। इस नए कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान में एक केंद्रीय रक्षा मुख्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है।

इस नई कमान व्यवस्था के तहत पाकिस्तानी सेना, नौसेना और वायुसेना को एक एकीकृत कमान के अधीन लाया जा रहा है, जिसका नेतृत्व सीधे चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) करेंगे। इस नए पद के सृजन के साथ ही पूर्व में अस्तित्व में रहे CJCSC के पद को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इस पुनर्गठन के बाद अब जनरल आसिम मुनीर के पास असीमित शक्तियां आ गई हैं और वही पाकिस्तानी सेना के सर्वोच्च कमांडर के रूप में सभी बड़े फैसले लेंगे। इस प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य युद्ध की स्थिति में तीनों सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है, जो भारत के लिए आने वाले समय में रणनीतिक स्तर पर सतर्क रहने का संकेत है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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