विश्व
एक घंटा पहले
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विचारों
पंजाब के आसमान पर मंडराए एक भयावह और जानलेवा तूफान के बीच भारत ने एक बार फिर इंसानियत को सबसे ऊपर रखते हुए पाकिस्तान की मदद की। दुबई, जेद्दा और दम्माम से रवाना हुई पाकिस्तान की तीन यात्री उड़ानें जब लाहौर के ऊपर शून्य दृश्यता और भीषण बवंडर के कारण हादसे के कगार पर पहुंच गईं, तब अमृतसर एटीसी ने आगे बढ़कर इन संकटग्रस्त विमानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र के द्वार खोल दिए।
लाहौर के ऊपर शून्य हुई दृश्यता
दुबई, जेद्दा और दम्माम से उड़ान भरकर लाहौर पहुंच रही पाकिस्तान की ये तीनों पैसेंजर फ्लाइट्स अचानक खराब हुए मौसम में फंस गईं। लाहौर में दृश्यता पूरी तरह शून्य हो चुकी थी और भयंकर बवंडर के चलते विमानों के क्रैश होने तक की नौबत आ गई थी। ऐसे में मदद की गुहार लगा रहे इन पाकिस्तानी विमानों को राहत भारत की ओर से मिली।
अमृतसर एटीसी बना मसीहा
संकट की इस घड़ी में अमृतसर एटीसी मसीहा बनकर सामने आया। उसने पाकिस्तानी विमानों के लिए भारतीय एयरस्पेस खोल दिया और करीब 20 मिनट तक उन्हें सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
एक साल पहले लाहौर का रवैया रहा था अलग
दिलचस्प यह है कि ठीक एक साल पहले हालात इसके बिल्कुल उलट थे। जब दिल्ली से श्रीनगर जा रही भारत की इंडिगो फ्लाइट (6E2142) पठानकोट के पास इसी तरह के खौफनाक बवंडर में घिर गई थी, तब भारतीय पायलट की बार-बार की गई गुजारिश के बावजूद लाहौर एटीसी ने विमान को पाकिस्तानी सीमा में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी थी।
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