विश्व
3 घंटे पहले
2
विचारों
इमरान खान की जेल से अस्पताल तक की हलचल
पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से बाहर निकाला गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, उन्हें इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अस्पताल के आसपास सुरक्षा घेरा काफी सख्त कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश
यह पूरा घटनाक्रम पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस महत्वपूर्ण निर्देश के बाद शुरू हुआ है, जिसमें अदालत की तीन जजों की पीठ ने इमरान खान की सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल भेजने के लिए 48 घंटे का समय सीमा तय की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जेल में बंद इमरान खान को चिकित्सा के लिए अस्पताल ले जाना आवश्यक है। इसके साथ ही, कोर्ट ने अधिकारियों को यह हिदायत भी दी कि अस्पताल में इलाज के दौरान इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।
आंखों की रोशनी और अन्य स्वास्थ्य चुनौतियां
73 साल के इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उनके वकील काफी समय से गंभीर चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। उनके कानूनी सलाहकारों का यह आरोप रहा है कि जेल में उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। पूर्व में, फरवरी के महीने में उनके एक वकील ने दावा किया था कि इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी घटकर केवल 15 फीसदी तक सीमित रह गई है। हालांकि, तत्कालीन सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, उनकी मेडिकल टीम में आंखों के विशेषज्ञों को भी शामिल किए जाने की उम्मीद है ताकि उनकी स्थिति का सटीक आकलन हो सके।
परिवार से मुलाकात और सुरक्षा का घेरा
अदालत ने सिर्फ इलाज का निर्देश ही नहीं दिया, बल्कि इमरान खान को उनके परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति भी प्रदान की थी। इसी प्रक्रिया के तहत इमरान खान की बहन बीते मंगलवार की रात उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंची थीं। जैसे ही इमरान खान के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना सार्वजनिक हुई, शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल के बाहर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई। अस्पताल की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस के बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और वहां पुलिस की गाड़ियों के साथ-साथ बख्तरबंद वाहनों की भी मौजूदगी देखी गई है।
अस्पताल परिसर में राजनीतिक गतिविधियों पर पाबंदी
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले को विशुद्ध रूप से चिकित्सकीय रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अदालत ने PTI के नेताओं और समर्थकों को साफ निर्देश दिया है कि अस्पताल के आसपास किसी भी प्रकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित न की जाए। समर्थकों से भी यह अपील की गई है कि वे अस्पताल के बाहर भीड़ न जुटाएं। अदालत का मूल उद्देश्य यही है कि इमरान खान के उपचार की प्रक्रिया को किसी भी प्रकार की राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का जरिया न बनने दिया जाए। उल्लेखनीय है कि इमरान खान अगस्त 2023 से ही सलाखों के पीछे हैं। उन पर भ्रष्टाचार, सरकारी गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने और सरकारी उपहारों की अवैध बिक्री जैसे 100 से भी अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इमरान खान इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताते रहे हैं।
Comments
0 comment