'पीओके से निकल जाओ पाकिस्तान', सेना के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, प्रदर्शनकारियों ने भारत के पक्ष में खोला मोर्चा विश्व एक घंटा पहले 2
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में महंगाई और राशन को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई बन गया है, जहां लोगों ने सीधे पाकिस्तानी सेना को चुनौती दी है।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में महंगाई और गेहूं की किल्लत को लेकर भड़का जन-आक्रोश अब महज आर्थिक मांगों तक सीमित नहीं रह गया है। पहले जहां स्थानीय लोग बिजली और राशन के भारी-भरकम बिलों से परेशान थे, वहीं अब यह नाराजगी सीधे राजनीतिक हकों की मांग में बदल चुकी है। प्रदर्शनकारी अब खुलकर पाकिस्तान को वहां से निकल जाने की चुनौती दे रहे हैं और सेना के दमनकारी रवैये का मुंहतोड़ जवाब देने लगे हैं।

रावलकोट में सेना के खिलाफ तीखा हमला

हाल ही में रावलकोट में हुई एक बड़ी सभा में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी और अवामी एक्शन कमिटी के नेताओं ने पाकिस्तानी सेना पर अब तक के सबसे कड़े शब्दों में हमला बोला। नेताओं ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान न सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रोक रहा है, बल्कि क्षेत्र के संसाधनों का भी जमकर दोहन कर रहा है।

भारत के साथ कारोबार रोकने का आरोप

सभा में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान लगातार भारत के साथ होने वाले आर्थिक लेन-देन को बाधित करता रहा है। नेताओं के मुताबिक इस रवैये से क्षेत्र की जनता को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

'सेना हमारा राशन तक रोक रही'

रावलकोट की सभा को संबोधित करते हुए जेएएसी नेता सरदार अमन ने पाकिस्तानी सेना पर पीओके के लोगों के लिए आपूर्ति सीमित करने और आर्थिक दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया।

पाकिस्तान की सेना हमारा राशन तक रोक रही है।

अमन ने दावा किया कि प्रशासन के अधिकारी आर्थिक हथकंडों के जरिए चल रहे विरोध आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!