बीकानेर: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और हेरोइन की तस्करी करने वाला मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत गिरफ्तार क्राइम एक घंटा पहले 2
बीकानेर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना राकेश प्रजापत को अमृतसर से धर दबोचा है। उस पर राजस्थान सहित कई राज्यों में 22 गंभीर मामले दर्ज हैं।

बीकानेर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

बीकानेर पुलिस ने सीमा पार से होने वाली खतरनाक तस्करी के नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन और विदेशी हथियारों की तस्करी करवाने वाले मुख्य मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को यह सफलता बुधवार को मिली, जब आरोपी को पंजाब के अमृतसर में जामनगर हाईवे के पास से दबोचा गया। खुफिया जानकारी मिली थी कि वह वहां से जोधपुर जाने की फिराक में था।

लंबे समय से था फरार

सदर थाना परिसर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राकेश प्रजापत काफी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था। वह पिछले करीब 13 महीने से देश के विभिन्न राज्यों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। इससे पहले वह वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग एक साल तक पंजाब की फरीदकोट जेल में भी कैद रह चुका था। पुलिस का यह मानना है कि जेल के अंदर रहने के दौरान भी उसने अपना तस्करी का नेटवर्क कमजोर नहीं होने दिया और वहीं से पूरे गिरोह का संचालन करता रहा।

सोशल मीडिया पर सक्रिय और दिखावे का शौकीन

पाली जिले के चौपड़ा गांव का रहने वाला राकेश प्रजापत सोशल मीडिया पर भी बेहद सक्रिय पाया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दुबई किंग और सरकार जैसे नाम से ग्रुप बना रखे थे। वह इन ग्रुपों में हथियारों, नकदी और अन्य कीमती सामानों के साथ अपनी तस्वीरें और शायरियां साझा किया करता था। तस्करी से मिलने वाली अवैध कमाई से वह आलीशान और ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था।

कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि राकेश प्रजापत का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ राजस्थान, पंजाब, गोवा और कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों में कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे पकड़ने के लिए बीकानेर, पाली, ब्यावर, पंजाब और गोवा की पुलिस लगातार कोशिश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर बीकानेर रेंज के आईजी द्वारा 50 हजार रुपए और पाली पुलिस द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

जेल से संचालित होता था पूरा सिंडिकेट

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि इस तस्करी के पूरे सिंडिकेट का संचालन पंजाब की फरीदकोट जेल से किया जा रहा था। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी वीरेन्द्र राजपुरोहित से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में साफ हुआ कि पाकिस्तानी तस्करों को हवाला के जरिए पैसा पहुंचाने की पूरी व्यवस्था भी जेल में बंद रहकर ही की जाती थी। अब एजेंसियां इस बात की गंभीरता से जांच कर रही हैं कि राजस्थान में और कौन-कौन से चेहरे इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। पाली जिले के कई संदिग्ध बदमाशों पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।

50 करोड़ की खेप से खुली थी कड़ी

इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब 2 अगस्त को खाजूवाला के चक 6 बीडी इलाके में ड्रोन के जरिए भेजी गई खेप बरामद हुई। इस खेप में करीब 50 करोड़ रुपए कीमत की 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल, 33 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने ब्यावर के जैतारण निवासी वीरेन्द्र राजपुरोहित को पकड़ा था, जो उन दिनों जोधपुर में रह रहा था। वीरेन्द्र ने कबूल किया कि उसे यह खेप उठाने के लिए राकेश प्रजापत ने ही भेजा था।

कैसे रची गई साजिश

आरोपी वीरेन्द्र ने पुलिस को बताया कि उसकी और राकेश की मुलाकात साल 2018 में बेंगलुरु में हुई थी। 15 जुलाई 2026 को राकेश ने जलालाबाद से एक वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल कर उसे फोन किया और खाजूवाला बॉर्डर से हेरोइन और हथियारों को उठाकर पंजाब पहुँचाने का निर्देश दिया। इसके बाद वीरेन्द्र ने 18 जुलाई को उस पूरे इलाके की रेकी की और 1 अगस्त को दोबारा खेप लेने पहुंचा। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते 32 हेड के पास उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले भी सामने आया था नाम

राकेश प्रजापत की संलिप्तता सिर्फ इसी मामले तक सीमित नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2026 में खाजूवाला-पूगल मार्ग पर एक स्कूटी से करीब 14 किलो हेरोइन बरामद की गई थी, जिसकी बाजार कीमत लगभग 70 करोड़ रुपए थी। उस मामले में भी राकेश प्रजापत का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। पुलिस का यह मानना है कि राकेश की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में बैठे तस्करों, हवाला नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और भारत में सक्रिय तस्करी के पूरे तंत्र के बारे में कई बड़ी और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल एजेंसियां उसकी संपत्ति और अन्य आर्थिक स्रोतों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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