पाकिस्तान ने बंद किया 750 किलोमीटर लंबा हवाई क्षेत्र, फतह मिसाइल के परीक्षण की अटकलें विश्व 3 घंटे पहले 2
पाकिस्तान द्वारा जारी एक रहस्यमयी NOTAM ने रक्षा क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है, जिसके चलते 750 किलोमीटर के हवाई क्षेत्र में उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।

आसमान में पाबंदी के पीछे क्या है पाकिस्तान का इरादा?

पाकिस्तान ने हाल ही में एक नोटिस टू एयरमेन यानी NOTAM जारी किया है, जिसने सुरक्षा विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस आदेश के तहत 19 अगस्त और 20 अगस्त के लिए लगभग 750 किलोमीटर लंबे हवाई क्षेत्र में सभी प्रकार की उड़ानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस पाबंदी का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इतनी विशाल दूरी के एयरस्पेस को बंद करना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है। रक्षा जानकारों का मानना है कि इतनी लंबी दूरी का क्षेत्र किसी सामान्य सैन्य अभ्यास के लिए बंद नहीं किया जाता है, बल्कि यह किसी बड़े मिसाइल या रॉकेट सिस्टम के परीक्षण की तैयारी हो सकती है।

फतह मिसाइल का नया वर्जन हो सकता है तैयार

विशेषज्ञों की नजरें सबसे ज्यादा पाकिस्तान के फतह मिसाइल सिस्टम पर टिकी हैं। हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अपनी फतह सीरीज को लेकर काफी सक्रियता दिखाई है। फतह मिसाइल को पाकिस्तान की उस रणनीति का हिस्सा माना जाता है, जिससे वह अपनी सटीक प्रहार क्षमता को आधुनिक और घातक बनाना चाहता है। अभी तक फतह-1 और फतह-2 मिसाइल सिस्टम चर्चा में रहे हैं, जबकि हाल ही में फतह-4 को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। इतना ही नहीं, पाकिस्तान पहले ही फतह-3 और फतह-5 की घोषणा कर चुका है, हालांकि इनके बारे में सार्वजनिक डोमेन में जानकारियां काफी सीमित हैं। संभव है कि इस बार इसी श्रृंखला के किसी नए या उन्नत वर्जन का परीक्षण किया जाए।

कश्मीर पर अमेरिकी बयान के बाद बढ़ी तल्खी

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान की कूटनीतिक मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक स्पष्ट बयान दिया था, जिसमें उन्होंने इसे भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया। इस बयान के बाद पाकिस्तान के भीतर काफी बौखलाहट देखी गई और उसने इस पर कड़ी आपत्ति भी जताई है। रक्षा विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि क्या इस हवाई पाबंदी का सीधा संबंध किसी कूटनीतिक तनाव से है या फिर यह केवल एक सैन्य रूटीन है। फिलहाल, 750 किलोमीटर की यह लंबी पट्टी सुरक्षा विश्लेषकों के लिए एक पहेली बनी हुई है, और हर किसी की नजरें अगले कुछ घंटों में होने वाली संभावित गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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