OYO की मूल कंपनी प्रिज्म को 6650 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी आईपीओ 3 महीने पहले 49
ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म को आईपीओ के जरिए 6650 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी से हरी झंडी मिल गई है। इस पब्लिक ऑफरिंग से कंपनी का मूल्यांकन 7 से 8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

ट्रैवल टेक यूनिकॉर्न ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म को आईपीओ के माध्यम से 6650 करोड़ रुपये जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है। इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की। उनके मुताबिक प्रस्तावित पब्लिक ऑफरिंग के जरिए कंपनी की वैल्यूएशन 7 से 8 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रिज्म ने गोपनीय रास्ते से दिसंबर, 2025 के अंत में सेबी के पास आईपीओ के दस्तावेज जमा कराए थे। ये दस्तावेज 20 दिसंबर, 2025 को कंपनी की ईजीएम में शेयरधारकों से मंजूरी मिलने के बाद दाखिल किए गए थे।

जुलाई की शुरुआत तक दाखिल होगा UDRHP-1

अगले चरण में कंपनी सार्वजनिक अद्यतन विवरण पुस्तिका मसौदा (UDRHP-1) दाखिल करेगी, जो 21 दिन तक सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए खुला रहेगा। कंपनी इसे जुलाई की शुरुआत तक जमा करने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार प्रिज्म फिलहाल बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और व्यापक सूचीबद्धता समय-सीमा का आकलन कर रही है और साथ ही अपना UDRHP-1 दाखिल करने की तैयारी में जुटी है।

प्रीमियम ब्रांड के विस्तार पर ओयो का जोर

प्रिज्म के आईपीओ की चर्चा ऐसे समय हुई है जब कंपनी अपने प्रमुख बाजारों भारत, अमेरिका और यूरोप में पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ स्व-संचालित होटल तथा संडे होटल्स और पैलेट होटल्स जैसे प्रीमियम ब्रांड के विकास पर ध्यान दे रही है। इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में अपने यूरोपीय ब्रांड डैनसेंटर के जरिए गोवा में किराये के विला शुरू कर भारत के 'वैकेशन होम सेगमेंट' में प्रवेश किया है।

रितेश अग्रवाल ने 2012 में रखी थी ओयो की नींव

ओयो की स्थापना रितेश अग्रवाल ने 2012 में की थी और वे प्रिज्म ग्रुप के सीईओ हैं। सॉफ्टबैंक कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक है। प्रिज्म इससे पहले भी सूचीबद्ध होने का प्रयास कर चुकी है। अलग-अलग होटलों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने वाली इस कंपनी ने सबसे पहले 2021 में 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ का आवेदन किया था और 12 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य रखते हुए सेबी को दस्तावेज सौंपे थे।

सेबी के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी बने स्वतंत्र निदेशक

इसके बाद 2023 में कंपनी ने अद्यतन वित्तीय और परिचालन संबंधी जानकारियों के साथ एक और आवेदन किया। हालांकि वैश्विक बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण निवेशकों के भरोसे पर नकारात्मक असर पड़ा और कंपनी ने बाद में आईपीओ की योजना वापस ले ली। हाल में प्रिज्म ने सेबी के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी को अपने निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। पूंजी बाजार, कॉरपोरेट प्रशासन और नियामक मामलों में उनके व्यापक अनुभव से आईपीओ की दिशा में बढ़ रही कंपनी के बोर्ड को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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