तमिलनाडु में AIADMK को तगड़ी चोट, एक पूर्व मंत्री सहित 300 से ज्यादा नेता TVK में शामिल भारत एक घंटा पहले 4
पनैयूर स्थित TVK मुख्यालय में AIADMK के 300 से अधिक सदस्यों ने तमिलगा वेट्ट्री कज़गम की सदस्यता ली। शामिल होने वालों में कई पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक भी रहे।

चेन्नई: तमिलनाडु की सियासत में AIADMK को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। पनैयूर स्थित TVK के पार्टी मुख्यालय में AIADMK से जुड़े 300 से अधिक सदस्यों ने औपचारिक रूप से तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (TVK) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी छोड़कर TVK में आए इन नेताओं का कहना था कि AIADMK के नेतृत्व में रहते हुए वे जनता की समुचित सेवा नहीं कर पा रहे थे।

सत्ताधारी दल का दामन थामने वालों में AIADMK के पूर्व मंत्री वेल्लमंडी नटराजन, अन्ना ट्रेड यूनियन फेडरेशन के राज्य सचिव कमलाक्कन्नन, मायलापुर से AIADMK के पूर्व विधायक नटराज, पूर्व मंत्री आनंदन, परमाकुडी से पूर्व विधायक साधन प्रभाकर, तिरुपथुर नगर सचिव डी टी कुमार समेत 300 से अधिक लोग शामिल रहे। इस मौके पर TVK के महासचिव एवं तमिलनाडु के ग्रामीण विकास मंत्री एन आनंद, राजस्व व आपदा प्रबंधन मंत्री सेंगोत्तैयान तथा लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन भी उपस्थित थे।

'मुश्किल हालात में काम कर रहे थे AIADMK में'

पूर्व मंत्री और AIADMK के वरिष्ठ नेता उदुमलाई राधाकृष्णन ने बताया कि उनके साथ त्रिची के वरिष्ठ नेता एन आर शिवपति, कदंबुर राजू, एम सी संपत, पन्नीरसेल्वम, गोविंदासामी और कोलाथुर कृष्णमूर्ति ने भी सत्तारूढ़ TVK की सदस्यता ले ली है। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के नेतृत्व को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में AIADMK पदाधिकारियों ने कड़ा अनुशासन बनाए रखा था और उनका निधन पार्टी के लिए बहुत बड़ा आघात साबित हुआ।

राधाकृष्णन ने यह भी कहा कि वे बीते पांच वर्षों से AIADMK में बने रहे, मगर जनता की प्रभावी सेवा नहीं कर पाए और लगातार कठिन परिस्थितियों में काम करते रहे। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व में उन्हें एम जी रामचंद्रन (MGR) और जयललिता के आदर्शों की झलक दिखाई देती है, और TVK में मिले सम्मान तथा मान्यता ने ही उन्हें पार्टी में शामिल होने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया।

'TVK के लिए पूरी लगन से करेंगे काम'

उदुमलाई राधाकृष्णन ने आगे कहा कि वे TVK के लिए पूरी लगन के साथ काम करेंगे और युवा पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाने में सहयोग देंगे। उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख मकसद आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में जीत दर्ज करना है। पार्टी अनुशासन के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि नेतृत्व द्वारा सौंपी जाने वाली हर जिम्मेदारी को वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।

उन्होंने यह दावा भी किया कि भविष्य में कई जिला स्तरीय पदाधिकारी और वरिष्ठ AIADMK नेता TVK का हिस्सा बन सकते हैं। AIADMK छोड़ने के अपने निर्णय को उन्होंने पार्टी के भीतर लंबे समय से व्याप्त असंतोष के बाद राहत का क्षण बताया।

'विजय हमेशा रहेंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री'

कार्यक्रम में तमिलनाडु सरकार के मंत्री सेंगोत्तैयान ने TVK आंदोलन पर रोशनी डालते हुए कहा कि राज्य की जनता ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा, “भारतीय इतिहास में अगर कोई आंदोलन अपने गठन के महज दो साल के भीतर सफलता हासिल कर पाया है, तो वह तमिलगा वेट्ट्री कज़गम है। चाहे जितने भी गठबंधन बन जाएं, तमिलनाडु की धरती पर पैदा हुआ कोई भी व्यक्ति यहां हमारे आंदोलन को नहीं हरा सकता।”

मंत्री ने आगे कहा कि जनता ने एक ऐसे नेतृत्व को अपनाया है जो स्वच्छ प्रशासन देने में सक्षम है, और यह काम केवल विजय ही कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि न केवल कल, बल्कि हमेशा के लिए विजय तमिलनाडु के स्थायी मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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