खेल
एक दिन पहले
5
विचारों
पंजाब के जालंधर में बैडमिंटन खेलते समय एक व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ गया, लेकिन वहां मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी डॉक्टरों की सूझबूझ और समय रहते लिए गए फैसले ने उसकी जान बचा ली। यह घटना उस समय हुई जब 45 वर्षीय दीपक पुजारा शहर के रायजादा हंसराज स्टेडियम में बैडमिंटन मैच खेल रहे थे।
कोर्ट पर खेलते-खेलते अचानक गिरे खिलाड़ी
दीपक पुजारा मैच के दौरान पूरी तरह सक्रिय थे, तभी दिल का दौरा पड़ने के कारण वे अचानक जमीन पर गिर पड़े। इस अप्रत्याशित और दर्दनाक दृश्य को देखकर पूरे खेल परिसर में हड़कंप मच गया। स्टेडियम के स्टाफ ने बिना देर किए मेडिकल टीम को बुलाने की कोशिश शुरू कर दी।
दो डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा
अफरा-तफरी के उसी माहौल में दो डॉक्टरों ने स्थिति को अपने हाथ में लिया, जो खुद कुछ घंटे बैडमिंटन खेलने के लिए स्टेडियम पहुंचे थे। डॉ. नितीश गर्ग और डॉ. पीयूष शर्मा को जैसे ही दीपक पुजारा की हालत की गंभीरता का अंदाजा हुआ, उन्होंने स्टेडियम स्टाफ को वहां मौजूद इमरजेंसी मेडिकल किट और उपकरण तुरंत लाने के निर्देश दिए।
मेडिकल टीम का इंतजार किए बिना शुरू किया इलाज
दोनों डॉक्टरों ने औपचारिक मेडिकल टीम के पहुंचने का इंतजार नहीं किया। उन्होंने बैडमिंटन कोर्ट पर बेहोश पड़े पुजारा के पास पहुंचकर तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू कर दिया। बिजली के झटके की मदद से उनके दिल की धड़कन को दोबारा सामान्य करने का प्रयास किया गया, जिससे दीपक पुजारा की जान बाल-बाल बच गई।
वीडियो हो रहा वायरल
डॉक्टरों के इस तत्परता भरे प्रयास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग दोनों चिकित्सकों की सूझबूझ और मानवीय भावना की जमकर सराहना कर रहे हैं।
Comments
0 comment