टेलीग्राम पर परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र देने का झूठा दावा करने वाला ओम कुमार गिरफ्तार, बनाए थे 'पेपर लीक' चैनल उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
लखनऊ से STF ने ओम कुमार नामक आरोपी को पकड़ा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने का फर्जी दावा कर छात्रों से पैसे वसूलता था। आरोपी ने टेलीग्राम पर 'पेपर लीक' जैसे नामों से चैनल बना रखे थे।

Fake Paper Leak Racket: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में STF ने ओम कुमार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने का झूठा दावा करता था। इस काम के लिए उसने टेलीग्राम पर 'पेपर लीक' जैसे नामों से चैनल बना रखे थे। इन्हीं के जरिए वह छात्रों के बीच भ्रम फैलाता और उनसे रकम लेकर प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं बेचने का झांसा देता था।

परीक्षा से एक दिन पहले पेपर देने का दावा

पूछताछ में सामने आया कि ओम कुमार छात्रों को परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने का दावा करता था। इसके लिए उसने अपने टेलीग्राम चैनल पर कई QR कोड साझा किए थे, जिनके माध्यम से वह अपने बैंक खातों में भुगतान मंगवाता था। हर छात्र से वह 2-2 हजार रुपये वसूलता था।

दो मोबाइल और दो आधार कार्ड बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन और 2 आधार कार्ड बरामद किए हैं। दरअसल STF को सूचना मिली थी कि अटल बिहारी बाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ द्वारा आयोजित की जा रही UP CNET परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर टेलीग्राम पर "UP CNET OUT QUESTION PRIVATE CHANNAL", "@Gauravsirofficials" और "@Youandmooon" नाम से फर्जी चैनल बनाए गए हैं। इन चैनलों के जरिए छात्रों को परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्न और उत्तर पुस्तिका देने का झांसा दिया जा रहा था और इसके बदले उनसे 2 हजार रुपये तक लिए जा रहे थे।

QR कोड भेजकर खातों में मंगवाता था रकम

इस मामले में अटल बिहारी बाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक ने थाना सुशांत गोल्फ सिटी कमिश्नरेट में धारा 318(4) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी ओम कुमार अपने टेलीग्राम चैनल "@Gauravsirofficials" और "@Youandmooon" पर QR कोड भेजकर छात्रों से अपने बताए गए खातों में पैसे जमा करवा रहा था।

महज दो-तीन हजार रुपये में बेचता था पेपर

पूछताछ में ओम कुमार ने बताया कि वह साल 2022 से अपने कई साथियों के साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्नपत्र लीक कराने का फर्जी दावा करता आ रहा है। टेलीग्राम पर "पेपर लीक" जैसे चैनल बनाकर वह पेपर लीक होने का प्रचार करता था। परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र देने के एवज में वह 2 से 3 हजार रुपये जैसी छोटी रकम रखता था, ताकि परीक्षार्थी आसानी से भुगतान कर सकें।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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