बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था: अब छुट्टी के लिए नहीं लगानी होगी दफ्तरों में दौड़, ऐप से मिलेगा अवकाश बिहार एक महीने पहले 59
बिहार सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए अवकाश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है, जिसके तहत अब सभी आवेदन केवल मानव संसाधन प्रबंधन व्यवस्था पोर्टल या ऐप के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे।

डिजिटल हुई छुट्टी की प्रक्रिया

बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी ताजा आदेश के अनुसार, राज्य में सरकारी कर्मियों के लिए अब छुट्टी लेने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। कर्मचारियों को अपनी छुट्टी के लिए अनिवार्य रूप से मानव संसाधन प्रबंधन व्यवस्था (HRMS) पोर्टल या मोबाइल ऐप का ही उपयोग करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द अपने मोबाइल में HRMS ऐप डाउनलोड कर खुद को पंजीकृत करें।

ऑनलाइन ही होगी मंजूरी और नामंजूरी

इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत, छुट्टी के लिए आवेदन करने से लेकर उसे मंजूरी देने तक का काम ऑनलाइन मंच पर ही संपन्न होगा। कर्मचारी अपने मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से छुट्टी का आवेदन सबमिट करेंगे। वहीं, संबंधित अधिकारी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके आवेदनों की जांच करेंगे और अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति दर्ज करेंगे। विभाग का मानना है कि इस कदम से अवकाश प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आएगी और एक व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा। नई नीति के तहत आकस्मिक अवकाश (CL) और अर्जित अवकाश (EL) समेत सभी श्रेणियों की छुट्टियां अब एक समान ऑनलाइन प्रक्रिया के दायरे में आ गई हैं। अब किसी भी कार्यालय में कागजी अर्जी देने की पुरानी परंपरा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

कर्मचारियों को मिलेगी आवेदन की लाइव ट्रैकिंग की सुविधा

सरकार ने इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य कार्यकुशलता और समय की बचत बताया है। डिजिटल होने के कारण, कर्मचारी घर बैठे ही अपने अवकाश आवेदन की वर्तमान स्थिति को देख सकेंगे। उन्हें अब इस बात की जानकारी लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि उनकी छुट्टी मंजूर हुई है या नहीं। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली से कर्मचारियों का एक एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे यह पता लगाना बेहद आसान हो जाएगा कि किसने कितनी छुट्टियां ली हैं और कौन सा आवेदन किस स्तर पर लंबित है। यह व्यवस्था 1 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने जोर देकर कहा है कि अब से सभी विभागों और कार्यालयों में केवल ऑनलाइन आवेदनों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्रशासनिक निगरानी भी अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगी। कागजी रिकॉर्ड के झंझट खत्म होने से सरकारी कामकाज की गति में उल्लेखनीय तेजी आएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप