भारत
एक घंटा पहले
5
विचारों
ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक पारिवारिक कलह उस वक्त भयावह मोड़ ले बैठी, जब एक दामाद ने अपने सास-ससुर को आग लगा दी। यह वारदात सुलियापड़ा थाना क्षेत्र के नौपड़ा गांव में मंगलवार की देर रात करीब 2:30 बजे हुई। हादसे में ससुर बुरी तरह झुलस गए, वहीं सास भी आग से घायल हो गईं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी की पहचान शेख सगीर उर्फ सिकंदर के तौर पर हुई है, जिसकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। परिजनों का आरोप है कि सगीर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था और उसे लगातार प्रताड़ित करता रहता था। घरेलू हिंसा से तंग आकर पत्नी कुछ समय पहले अपने मायके चली आई थी। परिवार ने इस झगड़े को सुलझाने के लिए कई बार गांव के बुजुर्गों और ग्रामीणों की मदद ली। बातचीत के जरिए दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिशें भी हुईं, मगर इसके बावजूद आरोपी के बर्ताव में कोई बदलाव नहीं आया। पत्नी के मायके में रहने से वह नाराज रहता था और उसे लौटा ले जाने के लिए कई बार ससुराल भी पहुंचा।
सास-ससुर से हुई थी तीखी कहासुनी
मंगलवार की रात भी आरोपी अपनी पत्नी को साथ ले जाने के इरादे से ससुराल आया था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसकी अपने सास-ससुर से तीखी बहस हो गई। आरोप है कि झगड़े के बाद गुस्से में आकर उसने पेट्रोल का इस्तेमाल किया और बुजुर्ग सास-ससुर को आग लगा दी। घटना की चश्मदीद और आरोपी की सास सुहाना बीबी ने बताया कि जब रात में पूरा परिवार सो रहा था, तभी आरोपी घर में पहुंचा, पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। उनका कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ था। इससे पहले भी वह उनके घर के बाहर कपड़े सुखाने वाली रस्सी में कथित रूप से आग लगा चुका था, हालांकि उस वक्त किसी तरह आग पर काबू पा लिया गया था। लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर हो गया।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिवार के लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सुहाना बीबी ने बताया कि उन्होंने अपने पति को आग से बचाने की कोशिश की, जिस दौरान उनके हाथ और शरीर के दूसरे हिस्से भी झुलस गए। इस हादसे में उनके पति शेख हारून अली सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अब तक की जानकारी के अनुसार उनके शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा आग की चपेट में आ गया है। उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और इलाज बारिपदा स्थित पीआरएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। दूसरी ओर, सुहाना बीबी भी गंभीर रूप से घायल हैं। उनके हाथ, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों में जलने के घाव आए हैं। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, फिर भी अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है।
पहले भी दे चुका था अंजाम भुगतने की धमकी
घटना के बाद पीड़ितों की चीखें सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों और पड़ोसियों ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई और घायलों को बाहर निकाला, फिर पुलिस को सूचना दी गई। खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया। परिवार का कहना है कि आरोपी पहले भी उन्हें धमकाता रहता था। उनका आरोप है कि सगीर कई बार गुस्से में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे चुका था। परिजनों का यह भी दावा है कि उसने पहले भी घर में आग लगाने की कोशिश की थी, जिसके चलते वे पहले से ही डरे हुए थे।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। सुलियापड़ा पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है और आरोपी के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारी मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। आग लगने की परिस्थितियों, हुए नुकसान और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही आरोपी को जल्द दबोचने की कोशिशें जारी हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में लगी है, जबकि अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे बुजुर्ग ससुर की हालत चिंता का सबब बनी हुई है। पूरे मामले पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की नजर बनी हुई है।
Comments
0 comment