ओडिशा में दृश्यम जैसी सनसनीखेज वारदात, दो पत्नियों के पति ने लिव-इन पार्टनर की हत्या कर शव को किया दफन क्राइम 2 घंटे पहले 2
ओडिशा के कोरापुट जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां दो पत्नियों के पति ने अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या कर शव को दूसरे राज्य में छिपा दिया था। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस राज का पर्दाफाश कर दिया है।

कोरापुट में सामने आया फिल्मी साजिश का मामला

ओडिशा के कोरापुट जिले से हत्या की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। इस मामले की पटकथा बिल्कुल बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म दृश्यम जैसी है। आरोपी ने न केवल अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या की, बल्कि सबूतों को मिटाने के लिए उसे दूसरे राज्य में ले जाकर जमीन में गाड़ दिया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैद जांच के सामने अपराधी की हर चाल नाकाम साबित हुई और अब कानून के शिकंजे में है।

कौन थी मृतक युवती और क्या था पूरा विवाद

इस पूरी घटना की शुरुआत 22 वर्षीय अल्बिना गराडा की मौत से हुई। अल्बिना सेमिलीगुडा थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा इलाके में रहती थी और एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सुनाबेदा थाना क्षेत्र के काकीगांव के रहने वाले 35 वर्षीय मोहन खिल से हुई। दोनों की जान-पहचान जल्द ही प्यार में बदल गई और दोनों पिछले करीब दो साल से एक किराए के मकान में लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे। लेकिन इस रिश्ते के बीच में एक बहुत बड़ा राज छिपा था, जिसके उजागर होते ही सब कुछ बिखर गया।

दो पत्नियों का पति था आरोपी

जांच में खुलासा हुआ कि अल्बिना को यह पता चल गया था कि मोहन पहले से शादीशुदा है और उसकी दो पत्नियां हैं। यह सच सामने आने के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होने लगा। बताया जा रहा है कि अल्बिना गर्भवती थी और वह लगातार मोहन पर शादी करने का दबाव बना रही थी। लेकिन मोहन हर बार इस बात को टाल देता था और इसे लेकर दोनों के बीच तनाव गहराता जा रहा था।

हत्या के बाद रची गई खौफनाक साजिश

घटना वाली रात फिर से इसी मुद्दे पर बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। गुस्से में आकर मोहन ने गला घोंटकर अल्बिना की हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत छिपाने के लिए उसने वही तरीका अपनाया जो दृश्यम फिल्म में दिखाया गया था। मोहन ने अपने एक साथी मिलन कुलदीप को इस साजिश में शामिल किया। दोनों ने मिलकर शव को कार में रखा और ओडिशा से निकलकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया। वहां मारुपल्ली गांव के नजदीक एक सागौन के बागान में उन्होंने गड्ढा खोदकर अल्बिना के शव को दफन कर दिया। आरोपियों को पूरा भरोसा था कि इस तरह शव को ठिकाने लगाने के बाद किसी को भी उन पर शक नहीं होगा और हत्या का यह राज हमेशा के लिए जमीन में दफन हो जाएगा।

ऐसे पुलिस ने खोला पूरा सच

अल्बिना के अचानक लापता होने पर उसके परिवार वालों ने सेमिलीगुडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की, तो सबसे पहले शक की सुई मोहन और उसके साथी मिलन पर गई। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआत में उन्होंने गुमराह करने की कोशिश की। सुनाबेदा एसडीपीओ सुमित्रा जेना के मुताबिक, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जब मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड की गहन जांच की गई, तो पता चला कि घटना के वक्त आरोपी और पीड़िता एक ही स्थान पर मौजूद थे। इस कड़ी ने पुलिस को आंध्र प्रदेश तक पहुंचा दिया।

शव बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

गुरुवार के दिन आंध्र प्रदेश पुलिस और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मारुपल्ली गांव के उस सागौन बागान की खुदाई की गई। जमीन के नीचे से अल्बिना का शव बरामद कर लिया गया। परिवार के सदस्यों ने कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त की। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में उस वैगन-आर कार को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल शव को ले जाने में किया गया था। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल किए गए औजार, आरोपियों के मोबाइल फोन और कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद डीएनए जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। वर्तमान में मोहन पर हत्या का और मिलन पर शव को छिपाने में मदद करने का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले में सभी पहलुओं को पुख्ता किया जा सके।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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