शादी का दबाव बना मौत की वजह, प्रेमी ने ओवरब्रिज से धक्का देकर युवती की ले ली जान क्राइम 2 घंटे पहले 1
ओडिशा के गंजाम जिले में शादी की जिद से नाराज प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को ओवरब्रिज से धक्का देकर मार डाला और इसे सड़क हादसा बताने की कोशिश की। पुलिस जांच में सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

ओडिशा के गंजाम जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका की जान ले ली और फिर इस वारदात को एक सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने गहराई से छानबीन करने के बाद आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पकड़े गए युवक की पहचान राकेश आचार्य के तौर पर की गई है, जो दिगपहंडी थाना क्षेत्र के निमाखंडी पेंठ इलाके का निवासी है।

आखिर कैसे दिया गया वारदात को अंजाम

मिली जानकारी के मुताबिक, राकेश और अंबिका लंबे अरसे से एक-दूसरे को चाहते थे। लेकिन वक्त बीतने के साथ उनके रिश्ते में खटास आने लगी। अंबिका बार-बार राकेश पर विवाह करने का दबाव डाल रही थी, जबकि राकेश इस जिम्मेदारी से कतराना चाहता था। यही वजह रही कि उसने अपनी प्रेमिका को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना ली।

पुलिस की पड़ताल में पता चला कि 7 जून को राकेश घुमाने के बहाने अंबिका को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर गोपालपुर ले गया। दोनों पूरे दिन साथ रहे और रात के समय वापस लौट रहे थे। आरोप है कि लौटते वक्त अंकुली ओवरब्रिज के नजदीक राकेश ने अंबिका को मोटरसाइकिल से धक्का दे दिया। ओवरब्रिज से नीचे गिरते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे का रूप देने की चाल

घटना को अंजाम देने के बाद राकेश ने पूरे मामले को महज एक सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश की, ताकि किसी को उस पर शक न हो। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद राकेश ने खुद ही अंबिका के परिजनों को उसकी मौत की खबर दी। उसने परिवार को यकीन दिलाने की कोशिश की कि यह सिर्फ एक सड़क हादसा था।

हालांकि राकेश की बातों में कई झोल थे। उसके बयान और घटना से जुड़ी परिस्थितियों में अंतर देखकर अंबिका के परिजनों का माथा ठनक गया। उन्हें महसूस हुआ कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हो सकती है। इसके बाद अंबिका के चाचा काह्नू जेना ने बैद्यनाथपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

कैसे खुला राज

पुलिस ने अंबिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और घटनास्थल से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान कई ऐसे सबूत हाथ लगे, जो इशारा कर रहे थे कि युवती की मौत कोई आम सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या हो सकती है। पड़ताल आगे बढ़ने पर पुलिस को राकेश के खिलाफ पुख्ता प्रमाण मिले, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

नीट की तैयारी कर रही थी युवती

मृतका अंबिका गंजाम जिले के रोही गांव की रहने वाली थी। वह पढ़ाई में होनहार थी और उसने प्लस टू साइंस की पढ़ाई पूरी कर ली थी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी के लिए वह ब्रह्मपुर में रह रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि अंबिका एक दिन डॉक्टर बनेगी, मगर इससे पहले ही उसकी जिंदगी बेहद दुखद ढंग से खत्म हो गई।

इस वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक ओर परिवार अपनी बेटी को खोने के गम में डूबा हुआ है, तो दूसरी ओर यह बात लोगों की जुबान पर है कि जिस युवक पर अंबिका ने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उसी पर उसकी हत्या का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है और अदालत में सुनवाई के दौरान इससे जुड़े कई अन्य तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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