भारत
एक घंटा पहले
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घटना का विवरण
ओडिशा के कटक जिले से बहादुरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चकित कर दिया है। मंगलवार को कटक के बांकी क्षेत्र में स्थित एक नहर में एक 14 साल के बच्चे पर जंगली सूअर ने जानलेवा हमला कर दिया। आमतौर पर ऐसी स्थिति में लोग घबरा जाते हैं, लेकिन इस बच्चे ने हार मानने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपनी जान बचाने के लिए जंगली सूअर को कसकर पकड़ लिया। उसका यह साहस वाकई मिसाल पेश करने वाला है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमले का शिकार हुआ 14 वर्षीय सुमन बेहरा है, जो सुदर्शन बेहरा का बेटा है। सुमन उस समय स्थानीय नहर के पास मौजूद था, तभी अचानक जंगली सूअर ने उस पर झपट्टा मार दिया। यह हमला इतना अचानक था कि आसपास हड़कंप मच गया। इस खतरनाक स्थिति की सूचना तुरंत बांकी फायर सर्विस टीम को दी गई। संदेश मिलते ही बचाव दल के जवान बिना देरी किए घटना स्थल की ओर निकल पड़े। इस हमले में बच्चे को कुछ चोटें भी आई हैं।
साहस और संघर्ष की कहानी
जब फायर सर्विस की टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। सुमन अपनी जान बचाने के लिए जंगली सूअर के साथ जबरदस्त संघर्ष कर रहा था। उसने जंगली सूअर को मजबूती से जकड़ रखा था ताकि वह उसे दोबारा चोट न पहुंचा सके। सुमन की इस दिलेरी के कारण वह कुछ देर तक खुद को बचाने में सफल रहा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से भी एक दुखद घटना सामने आई थी, जहां एक भालू के हमले में दो सगे भाई-बहनों की मौत हो गई थी।
बच्चे का रेस्क्यू और उपचार
फायर सर्विस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और तुरंत हस्तक्षेप करते हुए बच्चे को जंगली सूअर की पकड़ से आजाद कराया। सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद, सुमन को तुरंत चिकित्सा के लिए बांकी के सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को आवश्यक उपचार प्रदान किया। फिलहाल सुमन खतरे से बाहर है। 14 साल की उम्र में इस तरह की सूझबूझ और साहस दिखाने के कारण सुमन बेहरा के चर्चे हर तरफ हो रहे हैं। फायर सर्विस टीम के समय पर पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया और बच्चे की जान बचा ली गई।
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