QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत का दबदबा: 11 से बढ़कर 52 हुए भारतीय संस्थान, देखें पूरी लिस्ट शिक्षा 2 घंटे पहले 4
केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि 2015 के बाद से वैश्विक स्तर पर भारतीय विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की उपस्थिति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। अब 52 भारतीय संस्थान क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जगह बनाने में सफल रहे हैं।

भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों का वैश्विक स्तर पर बढ़ा कद

भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2015 में इस वैश्विक रैंकिंग में केवल 11 भारतीय संस्थान ही अपनी जगह बना पाए थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 52 हो गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि देश की शिक्षण व्यवस्था में न केवल सुधार हुआ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

शीर्ष पर आईआईटी का वर्चस्व

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शामिल संस्थानों की सूची पर गौर करें तो इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी आईआईटी का दबदबा स्पष्ट नजर आता है। रैंकिंग में 118वीं रैंक के साथ आईआईटी दिल्ली शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। केवल आईआईटी ही नहीं, बल्कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटीज और कई निजी शिक्षण संस्थानों ने भी इस सूची में अपनी दावेदारी पेश की है।

भारतीय संस्थानों की विस्तृत रैंकिंग सूची

रैंकिंग में शामिल प्रमुख संस्थानों का विवरण इस प्रकार है:

  • आईआईटी दिल्ली: 118 रैंक
  • आईआईटी बॉम्बे: 134 रैंक
  • आईआईटी मद्रास: 170 रैंक
  • आईआईटी खड़गपुर: 205 रैंक
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलोर: 221 रैंक
  • आईआईटी कानपुर: 221 रैंक
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी: 322 रैंक
  • आईआईटी रुड़की: 335 रैंक
  • आईआईटी गुवाहाटी: 349 रैंक
  • शूलनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंस, सोलन: 452 रैंक
  • अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई: 470 रैंक
  • आईआईटी BHU, वाराणसी: 510 रैंक
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब: 526 रैंक
  • आईआईटी इंदौर: 546 रैंक
  • जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली: 555 रैंक
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी: 575 रैंक
  • आईआईटी हैदराबाद: 588 रैंक
  • वीआईटी वेल्लोर: 597 रैंक
  • सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी: 655 रैंक
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली: 686 रैंक
  • आईआईटी धनबाद: 701-710 रैंक
  • थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला: 701-710 रैंक
  • Bharathiar यूनिवर्सिटी, कोयंबटूर: 711-720 रैंक
  • जाधवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता: 721-730 रैंक
  • NIT तिरुचिरापल्ली: 721-730 रैंक
  • ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत: 751-760 रैंक
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, चहेरू: 791-800 रैंक
  • सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी: 791-800 रैंक
  • सवीथा इंस्टीट्यूट, तमिलनाडु: 801-850 रैंक
  • आईआईटी गांधीनगर: 851-900 रैंक
  • मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन: 851-900 रैंक
  • यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद: 851-900 रैंक
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा: 901-950 रैंक
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता: 901-950 रैंक
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई: 901-950 रैंक
  • UPES देहरादून: 901-950 रैंक
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी: 951-1000 रैंक
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: 1001-1200 रैंक
  • चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा: 1001-1200 रैंक
  • गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी: 1001-1200 रैंक
  • आईआईटी भुवनेश्वर: 1001-1200 रैंक
  • कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर: 1001-1200 रैंक
  • पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़: 1001-1200 रैंक
  • शिव नादर यूनिवर्सिटी, दादरी: 1001-1200 रैंक
  • एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी: 1001-1200 रैंक
  • अमृता विश्व विद्यापीठम: 1201-1400 रैंक
  • गलगोटियास यूनिवर्सिटी: 1201-1400 रैंक
  • IIIT अलाहाबाद, प्रयागराज: 1201-1400 रैंक
  • सत्यबामा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी: 1201-1400 रैंक
  • शिक्षा ओ अनुसंधान, भुवनेश्वर: 1201-1400 रैंक
  • जामिया हमदर्द, नई दिल्ली: 1401+ रैंक
  • पोंडिचेरी यूनिवर्सिटी: 1401+ रैंक

एनआईआरएफ के प्रभाव से आई बदलाव की लहर

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान बताया कि सरकार ने 2015 में नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी NIRF की शुरुआत की थी। इस फ्रेमवर्क का प्राथमिक लक्ष्य देश के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना और उनकी गुणवत्ता के आधार पर वार्षिक रैंकिंग तैयार करना है। यह रैंकिंग पांच मुख्य मानकों पर टिकी है, जिनमें शिक्षण व संसाधन, अनुसंधान, पेशेवर अभ्यास, स्नातक परिणाम, संपर्क, समावेशिता और छात्रों की राय शामिल हैं।

भागीदारी में ऐतिहासिक उछाल

मंत्री ने आंकड़ों के हवाले से बताया कि NIRF के प्रति संस्थानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2021 में जहाँ कुल 6,272 आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 14,163 हो गई है। इसी अवधि के दौरान, रैंकिंग प्रक्रिया में भाग लेने वाले अनूठे संस्थानों की संख्या भी 4,030 से उछलकर 7,692 तक पहुंच गई है। सुकांत मजूमदार ने स्पष्ट किया कि NIRF की सफलता का ही परिणाम है कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भी भारतीय विश्वविद्यालयों की भागीदारी 2015 के 11 से बढ़ते हुए 2027 की रैंकिंग में 52 तक जा पहुंची है।

अनन्या जोशी पाबना की शिक्षा संवाददाता हैं, जो शिक्षा, परीक्षा और करियर से जुड़ी खबरें कवर करती हैं। प्रवेश परीक्षाओं, बोर्ड और करियर विकल्पों पर वे छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी देती हैं। उनका फोकस सही और समय पर मार्गदर्शन देने पर रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप