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2 घंटे पहले
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शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा का समापन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी महत्वपूर्ण तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा पूरी कर ली है और शुक्रवार को वे वॉशिंगटन से बीजिंग के लिए रवाना हो गए। इस दौरे के दौरान दोनों वैश्विक शक्तियों के प्रमुखों के बीच यूक्रेन, ताइवान, एआई और व्यापार जैसे कई जटिल मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। हालांकि दोनों देशों ने व्यापारिक तनाव को नियंत्रित रखने के लिए आपसी सहमति व्यक्त की, लेकिन कई विवादास्पद विषयों पर दोनों देशों के बीच स्पष्ट मतभेद बरकरार रहे।
ट्रंप की ईरान पर सख्त चेतावनी
इस यात्रा के दौरान सबसे चर्चित घटनाक्रम ईरान को लेकर रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत में ईरान को लेकर बहुत ही स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड पर्ड्यू ने जानकारी दी कि ट्रंप ने शी जिनपिंग को यह साफ तौर पर बता दिया है कि यदि चीन द्वारा ईरान को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की मदद दी जाती है, तो अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
चीन की तरफ से भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी पक्ष को यह भरोसा दिलाया गया कि वे ईरान को सैन्य या अन्य प्रकार की मदद नहीं देंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी खबरें और रिपोर्ट चर्चा में हैं कि चीन से ईरान को हथियार आपूर्ति और सैन्य सहायता मिलने की संभावना है। साथ ही, ईरान पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर चीन के रास्ते ईरानी तेल की बिक्री की खबरें भी सामने आती रही हैं। ट्रंप और जिनपिंग के बीच ईरान में जारी युद्ध के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई, हालांकि इस बातचीत के विस्तृत विवरण को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का आर्थिक संकट
ईरान का मुद्दा चीन के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बना हुआ तनाव सीधे तौर पर चीन की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करता है। चीन अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है और यदि होर्मुज से तेल की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका सीधा नकारात्मक असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग ने अमेरिका और ईरान दोनों से आग्रह किया है कि वे बातचीत के रास्ते पर वापस लौटें और जून के समझौते के ढांचे के अंतर्गत समाधान खोजने का प्रयास करें।
व्यापारिक मोर्चे पर क्या रहा नतीजा?
व्यापारिक संबंधों को लेकर इस बैठक से कोई ऐतिहासिक या बड़ी व्यापारिक डील बाहर नहीं आई है। डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ने व्यापारिक युद्धविराम को बरकरार रखने और इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। बैठक के बाद ट्रंप ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि कई विषयों पर अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इन चर्चाओं से अमेरिकी किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा।
तस्वीरों में दिखी कूटनीतिक गर्मजोशी
अपनी रवानगी के कुछ ही समय बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में ट्रंप और शी जिनपिंग एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, वहीं उनके साथ मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन भी नजर आ रही हैं। तस्वीर के साथ 'America is back' का कैप्शन भी लिखा गया था, जो अमेरिकी प्रशासन के कूटनीतिक संदेश को रेखांकित करता है। इन तीन दिनों में हालांकि दोनों नेताओं ने काफी समय साथ बिताया, लेकिन जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में कोई बड़ा ठोस समझौता न हो पाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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