NSE का बहुप्रतीक्षित IPO: 18 सितंबर को खुल सकता है इश्यू, जानें लिस्टिंग की तारीख आईपीओ एक घंटा पहले 5
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ लंबे इंतजार के बाद अब बाजार में दस्तक देने की तैयारी में है, जिसकी संभावित लिस्टिंग तारीख 25 सितंबर बताई जा रही है।

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बड़ा अपडेट

भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए सितंबर का महीना एक बड़ी हलचल लेकर आ रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का आईपीओ अब अपने अंतिम चरण में है। पिछले करीब 10 सालों से निवेशक इस बड़े इश्यू का इंतजार कर रहे थे। ताजा जानकारी के अनुसार, NSE का आईपीओ 18 सितंबर को आम निवेशकों के लिए लॉन्च हो सकता है, जिसके बाद 25 सितंबर को कंपनी की दलाल स्ट्रीट पर धमाकेदार लिस्टिंग होने की संभावना है।

आईपीओ का संभावित कार्यक्रम

हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन बाजार के जानकारों और सूत्रों के आधार पर एक विस्तृत शेड्यूल सामने आया है:

  • प्राइस बैंड की घोषणा: कंपनी 15 सितंबर को अपने आईपीओ के प्राइस बैंड का खुलासा कर सकती है।
  • एंकर बुक: एंकर निवेशकों के लिए यह प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होगी।
  • पब्लिक सब्सक्रिप्शन: आम जनता के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर से खुलेगी और निवेशक 21 व 22 सितंबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे।
  • लिस्टिंग: इस पूरे प्रक्रिया के बाद 25 सितंबर को NSE के शेयर शेयर बाजार में आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध हो जाएंगे।

सूत्रों का मानना है कि इस टाइमलाइन को विशेष रूप से इसलिए चुना गया है ताकि 26 सितंबर से शुरू होने वाले 16 दिनों के पितृ पक्ष से पहले NSE के शेयर बाजार में अपना सफर शुरू कर सकें।

ऑफर फॉर सेल (OFS) की पूरी जानकारी

यह मेगा इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में आएगा। इसका अर्थ यह है कि इसमें कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। कुल मिलाकर 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 14.89 करोड़ (148.9 मिलियन) इक्विटी शेयरों की बिक्री की योजना है। यह संख्या NSE की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का लगभग 6 फीसदी हिस्सा है। इस बिक्री से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि उन निवेशकों को प्राप्त होगी जो अपने शेयर बेच रहे हैं, और एक्सचेंज को इस प्रक्रिया से कोई नई पूंजी प्राप्त नहीं होगी।

SEBI से मंजूरी के बाद तेज हुई हलचल

NSE का यह आईपीओ पिछले एक दशक से नियामक अड़चनों के कारण रुका हुआ था। हालांकि, इसी महीने बाजार नियामक SEBI से जरूरी रेगुलेटरी क्लीयरेंस मिलने के बाद इसके लिस्टिंग का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज होने के नाते NSE देश के प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 को मैनेज करता है। इसके अलावा, ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर यह दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज भी है। इसी वजह से रिटेल निवेशकों से लेकर बड़े इंस्टीट्यूशनल बायर्स तक हर कोई इस आईपीओ पर पैनी नजर बनाए हुए है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप