पश्चिम बंगाल
6 घंटे पहले
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सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
कोलकाता में चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भीषण भगदड़ की घटना के बाद, जिसमें 19 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, सरकार अब सुरक्षा इंतजामों को लेकर काफी सतर्क हो गई है। पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने आग से सुरक्षा नियमों में कोताही बरतने के आरोप में दक्षिण कोलकाता की तीन प्रमुख दुर्गा पूजा समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक उच्चस्तरीय टीम द्वारा शहर के प्रमुख पूजा पंडालों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद चेतला अग्रानी, बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन और त्रिधारा सम्मिलनी जैसी समितियों को सुरक्षा खामियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
अनधिकृत स्टॉल और सिलेंडर पर चिंता
अग्निशमन विभाग के आला अधिकारियों ने रविवार को निर्देश दिए हैं कि पंडालों के नजदीक बने अवैध अस्थायी व्यावसायिक ढांचों और खतरनाक स्टॉल को तुरंत हटा दिया जाए। विभाग ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियों से बने पंडालों के बेहद करीब एलपीजी सिलेंडर रखे हुए पाए गए, जो आग लगने की स्थिति में किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं। अधिकारियों ने पंडालों के भीतर वेंटिलेशन और रोशनी की व्यवस्था पर भी जोर दिया है ताकि भीड़भाड़ के समय लोगों को आसानी से निकाला जा सके और किसी भी आपात स्थिति में दृश्यता बनी रहे।
आयोजकों का अपना पक्ष
इस नोटिस के बाद त्रिधारा सम्मिलनी के वरिष्ठ पदाधिकारी देबाशीष कुमार ने सोमवार को सफाई देते हुए कहा कि पूजा के उद्घाटन से पहले ही विभाग की ओर से उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था। उन्होंने दावा किया कि पंडाल में किसी भी ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, प्रवेश द्वार से लेकर निकास तक रोशनी के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। हमने अग्निशमन टीम को सूचित किया है कि भीड़ प्रबंधन के सभी अग्नि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है और इस संबंध में एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
भीड़ प्रबंधन के लिए समन्वय
देबाशीष कुमार ने आगे बताया कि पूजा के दौरान आने वाले हजारों आगंतुकों की सुरक्षा और आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कोलकाता पुलिस, नागरिक सुरक्षा बल और स्थानीय नगर निकाय के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। दूसरी ओर, बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन को विभाग ने निर्देश दिया है कि वे प्रकाश व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करें और सुनिश्चित करें कि व्यावसायिक गतिविधियों के कारण आवागमन के रास्तों में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट न आए।
सुरक्षा मानकों का पालन
पूजा समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि उनकी प्राथमिकता सुरक्षा है और वे सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि रासबिहारी एवेन्यू और ट्रायंगुलर पार्क से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ते को पूरी तरह बाधित मुक्त रखा गया है। गौरतलब है कि शनिवार को उत्तरी कोलकाता के चोरबागान में हुई उस दर्दनाक दुर्घटना के बाद से राज्य सरकार ने राज्य भर के सभी बड़े पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा ऑडिट को तेज कर दिया है ताकि दोबारा किसी अनहोनी को रोका जा सके।
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