कौन है कुख्यात गैंगस्टर रणदीप भाटी, जिसका नाम फिर से जिम ट्रेनर हत्याकांड से जुड़ा है? उत्तर प्रदेश एक दिन पहले 11
दिल्ली में जिम ट्रेनर की हत्या के बाद एक बार फिर गैंगस्टर रणदीप भाटी का नाम चर्चा में है। नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में कभी उसका खौफ हुआ करता था।

गैंगस्टर रणदीप भाटी फिर चर्चा में

गैंगस्टर रणदीप भाटी का नाम एक बार फिर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की फाइलों में तेजी से उछल रहा है। इसकी वजह दिल्ली में हाल ही में हुई एक जिम ट्रेनर की हत्या का मामला है। जांच के दौरान जैसे ही रणदीप भाटी का नाम सामने आया, उसने एक बार फिर पुराने खूनी इतिहास की यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि रणदीप भाटी पिछले काफी समय से जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन उसके गिरोह की सक्रियता अभी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का दूसरा नाम

एक समय था जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रणदीप भाटी का नाम अपराध की दुनिया का पर्याय बन चुका था। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के इलाकों में उसका गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देता था। हत्या, रंगदारी वसूलना, जमीन पर अवैध कब्जा करना और फिरौती मांगना इस गिरोह के मुख्य धंधे रहे हैं। लोग उसके नाम से ही थर-थर कांपते थे और क्षेत्र में उसकी तूती बोलती थी।

साल 2023 में मिली थी उम्रकैद

रणदीप भाटी के अपराधों का सिलसिला कानून की जद में भी आया है। वर्ष 2023 के अक्तूबर महीने में गौतम बुद्ध नगर की एक अदालत ने उसे एक बड़े मामले में दोषी करार दिया। यह मामला वर्ष 2013 में समाजवादी पार्टी के नेता चमन भाटी की हत्या से जुड़ा था। इस मामले में कोर्ट ने रणदीप भाटी समेत चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

खूनी रंजिश की लंबी कहानी

इस अपराध साम्राज्य की नींव के पीछे एक लंबी खूनी रंजिश है। वर्ष 2004 में नरेश भाटी की हत्या के बाद गिरोह की कमान रणदीप भाटी और उसके भांजे अमित कसाना ने अपने हाथों में ले ली थी। इन दोनों ने मिलकर गिरोह को नए सिरे से संगठित किया। इस दौरान खूंखार गैंगस्टर अनिल दुजाना भी उनके साथ जुड़ गया। इन लोगों की मुख्य प्रतिस्पर्धा सुंदर भाटी गिरोह से थी।

साल 2011 में सुंदर भाटी को खत्म करने के इरादे से रणदीप भाटी, अमित कसाना और अनिल दुजाना ने एक साथ मिलकर हमला किया था। उन्होंने सुंदर भाटी के भांजे की शादी में एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। हालांकि, उस हमले में सुंदर भाटी किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा, लेकिन उस घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में साल 2014 में सुंदर भाटी ने अपने ऊपर हुए इस हमले का बदला लेते हुए अनिल दुजाना के भाई की हत्या कर दी थी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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