नोएडा एफएनजी रोड पर अवैध तारों की भरमार, बिजली कटौती से सेक्टर और गांव बेहाल, लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाली एफएनजी रोड पर अवैध बिजली तारों का जाल फैला है, वहीं सेक्टरों और गांवों में लगातार पावर कट से लोग परेशान हैं। निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को आपस में जोड़ने वाली प्रमुख एफएनजी (FNG) रोड के ऊपर अवैध बिजली तारों का बड़ा जाल बिछा हुआ है। पार्थला गोलचक्कर से सेक्टर-82 की दिशा में जाने वाले रास्ते पर सड़क के ऊपर से गुजरते इन तारों ने सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हीं अवैध कनेक्शनों के सहारे हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली पहुंचाई जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस मामले पर खामोश बने हुए हैं।

रात होते ही अंधेरे में डूब जाती है सड़क

दूसरी ओर नोएडा के सेक्टर, गांव और सोसाइटियों में पावर कट से लोग बेहाल हैं। शाम ढलते ही एफएनजी रोड का बड़ा हिस्सा अंधेरे में समा जाता है। सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट के पोल तो लगे हैं, मगर ज्यादातर लाइटें बंद ही रहती हैं। करीब तीन से चार किलोमीटर लंबा यह हिस्सा रोशनी न होने के कारण हादसों को न्योता देता दिखाई देता है।

सेक्टर-122, 121 और 118 की तरफ से गुजरने वाले अवैध तारों का जाल भी साफ नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

पॉश सेक्टरों तक पहुंची भारी कटौती

नोएडा के गांवों, सेक्टरों और सोसाइटियों में लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। निवासियों के मुताबिक इस बार हालात पहले से कहीं ज्यादा खराब हैं। सेक्टर-15ए, 14ए, 15, 16 और 17 जैसे पॉश सेक्टरों से लेकर गांवों तक बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां कई-कई घंटे तक बिजली गायब रहती है।

निवासियों में गहरा आक्रोश

नोएडा के रहने वाले सुधीर राय, उपासना और महेश कुमार का कहना है कि पहले बिजली कटौती की एक तय सीमा हुआ करती थी, लेकिन अब बिजली आने से ज्यादा जाने लगी है। दिन हो या रात, बिजली कब और कितनी देर के लिए जाएगी, इसका कोई निश्चित शेड्यूल नहीं है।

उनका कहना है कि भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही कटौती से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात तो करती है, मगर बिजली के बिना नौकरीपेशा लोग अपना काम कैसे करें। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा।

अधिकारियों ने नकारी जनता की शिकायत

इस पूरे मामले पर मुख्य अभियंता संजय जैन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी को कार्रवाई करने के लिए कह दिया गया है, हालांकि धरातल पर स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। वहीं बिजली कटौती को लेकर उन्होंने जनता की शिकायतों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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