नोएडा-दिल्ली सफर होगा आसान: मयूर विहार में बनेगा अंडरपास, जाम से मिलेगी बड़ी राहत उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 4
डीएनडी से चिल्ला और त्रिलोकपुरी जाने वाले हजारों वाहन चालकों को जल्द ही मयूर विहार के क्राउन प्लाजा के पास लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने वाली है। प्रशासन ने इस इलाके में एक नया अंडरपास बनाने का फैसला लिया है।

जाम से मिलेगी मुक्ति

डीएनडी से चिल्ला और त्रिलोकपुरी की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मयूर विहार स्थित क्राउन प्लाजा के पास वाली रेड लाइट पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से अब लोगों को छुटकारा मिलेगा। इस इलाके में लगने वाले लंबे जाम को खत्म करने के लिए सरकार ने एक नए अंडरपास के निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ट्रैफिक के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है और वाहन चालकों का कीमती समय बचेगा।

क्या है पूरा प्रोजेक्ट

यह नया प्रस्तावित अंडरपास मयूर विहार फेज-1 में दिल्ली-यूपी रोड पर स्थित क्राउन प्लाजा के निकट बनाया जाएगा। वर्तमान में, इस जंक्शन पर सुबह और शाम के समय ट्रैफिक का बहुत अधिक दबाव रहता है, जिसके कारण वाहनों को काफी देर तक रेड लाइट पर खड़ा रहना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए जो अंडरपास तैयार किया जा रहा है, उसकी लंबाई 500 मीटर होगी। जानकारों का मानना है कि इस परियोजना पर करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आने का अनुमान है। इस निर्माण का मुख्य उद्देश्य जंक्शन पर विभिन्न दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को व्यवस्थित करना और सीधे निकलने वाले वाहनों को सुगम रास्ता प्रदान करना है ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।

प्रोजेक्ट में लगेगा समय

हालांकि, इस अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कई तकनीकी और जमीनी प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक है, जिसमें कुछ समय लग सकता है। सड़क विकास से जुड़ी संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण करना होगा। इस सर्वेक्षण में जमीन के साथ-साथ वहां मौजूद अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों का भी ध्यान रखा जाएगा।

सर्वेक्षण और पेड़ों की गणना

निर्माण की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। परियोजना के दायरे में आने वाले सभी पेड़ों की वैज्ञानिक गणना की जाएगी। सर्वे के दौरान यह भी जांचा जाएगा कि ये पेड़ किस प्रजाति के हैं, इनका घेरा कितना है और इनका फैलाव कितना है। हर एक पेड़ को नंबर देकर चिह्नित किया जाएगा ताकि उनकी स्थिति का सही आकलन किया जा सके। इसके अलावा, निर्माण कार्य के दौरान बिजली की तारों, पानी की पाइप लाइनों, गैस पाइपलाइनों और दूरसंचार सेवाओं जैसी महत्वपूर्ण जनसुविधाएं निर्बाध रूप से चालू रहें, इसके लिए भी एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जब तक यह सर्वेक्षण पूरा नहीं हो जाता और सुरक्षा मानकों की जांच नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य के अगले चरणों को गति नहीं दी जाएगी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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