उत्तर प्रदेश
8 घंटे पहले
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मंगलवार शाम दिल्ली-एनसीआर का मौसम अचानक बेहद डरावने अंदाज में बदल गया। पूरा इलाका तेज धूल भरी आंधी की चपेट में आ गया और आसमान में धूल का घना गुबार छा गया। बिगड़ते हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने तुरंत पूरे एनसीआर के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया। इस आंधी का सबसे विकराल रूप उत्तर प्रदेश में देखने को मिला, जहां इटावा में हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोहे के भारी-भरकम छज्जे उड़कर 100 मीटर दूर जा गिरे और जिला जज कैंपस में अनगिनत पेड़ जड़ से उखड़ गए।
दिल्ली-एनसीआर में 111 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं
मंगलवार की शाम दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आए भीषण आंधी-तूफान से अफरा-तफरी मच गई। नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में तूफानी हवाएं 111 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं और पूरा आसमान धूल के गुबार से ढक गया। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया। दिल्ली से सटे यूपी के इटावा समेत कई जिलों में इस तूफान ने जमकर तबाही मचाई, जहां लोहे के भारी टीन शेड हवा में तिनके की तरह उड़ते नजर आए।
दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान
आईएमडी की 'नाउकास्ट' चेतावनी के अनुसार, धूल भरी आंधी के साथ-साथ दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश की संभावना भी जताई गई है। दक्षिण दिल्ली, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, नई दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तरी दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और शाहदरा के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश की उम्मीद है।
इटावा में 100 मीटर दूर जा गिरे लोहे के छज्जे
तूफान का सबसे ज्यादा कहर उत्तर प्रदेश के इटावा में बरपा। यहां हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों और इमारतों पर लगे लोहे के बड़े-बड़े छज्जे उखड़ गए और 100-100 मीटर की दूरी पर जाकर गिरे। सबसे भयावह नजारा इटावा के जिला जज कैंपस में दिखा, जहां बड़ी संख्या में विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर जमीन पर गिर गए और पूरा कैंपस टूटी हुई शाखाओं से पट गया।
राहत की बात यह रही कि इस भयानक तूफान में अब तक किसी प्रकार की जनहानि की कोई खबर नहीं है। स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा उत्तर भारत का मौसम
पिछले कई दिनों से जानलेवा हीटवेव झेल रहे उत्तर भारत के बड़े हिस्से में अब मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। इसके चलते 10 से 14 जून के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जोरदार बारिश की संभावना है।
आईएमडी की चेतावनी में साफ कहा गया है कि 11 और 12 जून को राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और यूपी में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरेगी। इसके साथ ही 12 जून को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
पूर्वोत्तर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
एक ओर जहां उत्तर और मध्य भारत आंधी-तूफान से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर मानसून ने अपनी गति तेज कर ली है। मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में पूरी तरह छा गया। मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में बताया कि मानसून सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक भी आगे बढ़ चुका है। उल्लेखनीय है कि इस साल केरल में मानसून ने 4 जून को दस्तक दी थी।
दिल्ली-एनसीआर के लिए आईएमडी की चेतावनी
मौसम विभाग ने भीषण धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की आशंका को देखते हुए पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इटावा में आए भीषण तूफान के कारण लोहे के बड़े-बड़े छज्जे 100 मीटर दूर जा गिरे और जिला जज कैंपस में बड़ी संख्या में भारी पेड़ जड़ से उखड़ गए, हालांकि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
गर्मी से राहत और मानसून की स्थिति
11 जून से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 से 14 जून के बीच दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं 4 जून को केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों, सिक्किम और देश के पूर्वोत्तर राज्यों तक पूरी तरह पहुंच चुका है।
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