पंजाब के विकास की राह में बाधाएं, चार लाख करोड़ के कर्ज पर नितिन नवीन का बड़ा दावा पंजाब 2 महीने पहले 57
भाजपा नेता नितिन नवीन ने पंजाब में विकास की कमी और राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य की प्रगति के लिए डबल इंजन सरकार की जरूरत पर जोर दिया।

पंजाब के कायाकल्प पर भाजपा की नजर

भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन ने अपने हालिया पंजाब दौरे के दौरान राज्य की बदहाल स्थिति पर चिंता जाहिर की है। चंडीगढ़ में एक युवा मिलन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य में बदलाव लाने का संकल्प दोहराया। नितिन नवीन ने कहा कि पंजाब के पास अपार क्षमता है, लेकिन सही नेतृत्व और दृष्टिकोण के अभाव में यह राज्य देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है।

राज्य पर चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज

विकास की धीमी रफ्तार पर चर्चा करते हुए नितिन नवीन ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इस समय पंजाब पर चार लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों ने जहां सुशासन और मजबूत नेतृत्व के दम पर खुद को बदला है, वहीं पंजाब कर्ज और अव्यवस्था के चक्र में फंसा हुआ है। उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक ठोस और स्थायी राजस्व मॉडल की वकालत की है।

कानून व्यवस्था और डबल इंजन का मुद्दा

नितिन नवीन ने कहा कि किसी भी राज्य की तरक्की का सीधा संबंध वहां की कानून-व्यवस्था से होता है। उन्होंने पंजाब में उद्योगों के पलायन, महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी गंभीर समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार इन मोर्चों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पंजाब की जनता तक न पहुंचने का आरोप लगाते हुए राज्य में डबल इंजन सरकार की आवश्यकता पर बल दिया है।

युवाओं से जुड़ी उम्मीदें

युवा मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के भविष्य को संवारने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि पंजाब में आगामी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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