'सरनेम नहीं, मेहनत दिलाएगी कुर्सी', बेटी नव्या को निखिल नंदा की दो टूक- नंदा होने से पद नहीं मिलता मनोरंजन 5 घंटे पहले 3
एस्कॉर्ट्स कुबोटा के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नंदा ने साफ कहा है कि उनकी कंपनी में सिर्फ 'नंदा' सरनेम के दम पर किसी को पद नहीं मिलेगा, फिर चाहे वह उनकी बेटी नव्या नंदा ही क्यों न हों।

अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नंदा बॉलीवुड की सबसे चर्चित स्टारकिड्स में गिनी जाती हैं। फैंस को उम्मीद थी कि अपने नाना-नानी और मामा-मामी की तरह नव्या भी सिनेमा में अपनी पहचान बनाएंगी, लेकिन वह अब तक फिल्मों से दूरी बनाए हुए हैं। फिलहाल नव्या IIM अहमदाबाद से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं और उन्होंने वर्किंग प्रोफेशनल्स तथा एंटरप्रेन्योर्स के लिए तैयार किए गए इस खास हाइब्रिड MBA प्रोग्राम में दाखिला लिया है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि नव्या जल्द ही अपने पिता निखिल नंदा की कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा में उनका हाथ बंटाएंगी। हालांकि अब कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नंदा ने स्पष्ट कर दिया है कि महज 'नंदा' सरनेम होने से किसी को उनकी कंपनी में पद नहीं मिलेगा, फिर चाहे वह उनकी अपनी बेटी नव्या नंदा ही क्यों न हों।

कंपनी की तरक्की देखकर मिलती है खुशी

निखिल नंदा ने हाल ही में सृष्टि साहू के साथ बातचीत में एस्कॉर्ट्स कुबोटा को लेकर अपने विजन और जुड़ाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा- 'मुझे इस कंपनी से इतना प्यार है कि मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरे बाद भी यह कायम रहे। मेरी इच्छा है कि यह ऑर्गनाइजेशन अगले 200 सालों तक चलती रहे।' उनके मुताबिक, वह कंपनी को आज के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए तैयार कर रहे हैं और कंपनी तथा उसमें काम करने वाले लोगों की प्रगति देखकर उन्हें खुशी मिलती है।

सरनेम के दम पर नहीं मिलेगा पद

इसी बातचीत में निखिल नंदा ने उत्तराधिकार की योजना, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और एस्कॉर्ट्स कुबोटा के भविष्य पर भी बेबाकी से चर्चा की। बता दें कि एस्कॉर्ट्स कुबोटा एक लिस्टेड इंजीनियरिंग और एग्री-मशीनरी कंपनी है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 31,000 करोड़ रुपये है। निखिल का कहना है कि भले ही उनके बच्चे (नव्या नंदा और अग्स्त्य नंदा) भविष्य में एस्कॉर्ट्स कुबोटा के साथ मिलकर नंदा परिवार के शेयरहोल्डर इंटरेस्ट का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि उन्हें कंपनी में ऑपरेशनल रोल अपने आप मिल जाएंगे। इसके लिए उन्हें खुद को साबित करना होगा। उनके अनुसार, कंपनी में किसी को भी केवल सरनेम के बल पर पद नहीं दिया जाएगा।

बेटी नव्या की भूमिका पर क्या बोले निखिल

निखिल नंदा ने कंपनी में अपनी बेटी नव्या नंदा की भूमिका पर भी बात रखी। उन्होंने कहा, "नव्या इन दिनों EKL में काफी दिलचस्पी दिखा रही है, लेकिन सिर्फ इसलिए उसे किसी पद का हक नहीं मिल जाता कि उसका सरनेम नंदा है। कंपनी में उसे अपना मुकाम खुद बनाना होगा, और मुझे यकीन है कि वह ऐसा करेगी, वह भी अपने दम पर।" इस दौरान निखिल ने बेटी नव्या को "स्मार्ट" और "एम्बीशियस" बताते हुए IIM अहमदाबाद से उनकी हालिया ग्रेजुएशन और मेटा के साथ मिले प्रोफेशनल अनुभव का भी जिक्र किया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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