टीएमसी को दोहरा झटका! NIA ने पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को दबोचा, उधर कई नेता कांग्रेस में शामिल पश्चिम बंगाल एक घंटा पहले 3
भांगर बम विस्फोट मामले में एनआईए ने टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कूचबिहार के मेखलीगंज में नगर पालिका प्रमुख समेत छह पार्षदों ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी को इन दिनों एक के बाद एक झटके झेलने पड़ रहे हैं। भांगर विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुख्य संदिग्ध और पार्टी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को हिरासत में ले लिया है। खास बात यह रही कि एजेंसी ने मोल्ला को 'फरार' घोषित किए जाने के महज कुछ घंटों के भीतर ही यह कार्रवाई कर दी। उल्लेखनीय है कि साउथ 24 परगना जिले के दक्षिण बामुनिया गांव में 19 मार्च को हुए एक बम धमाके में एक व्यक्ति की जान चली गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। बताया जा रहा है कि उस जगह पर कथित तौर पर बम तैयार किए जा रहे थे। दूसरी ओर, कूचबिहार के मेखलीगंज नगर पालिका प्रमुख समेत छह पार्षद कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

एनआईए के हत्थे चढ़े शौकत मोल्ला

एनआईए ने टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को उस वक्त पकड़ा, जब वे कथित तौर पर भागने की फिराक में थे। मोल्ला भांगर बम ब्लास्ट मामले में आरोपी हैं और उनकी गिरफ्तारी को जांच की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एजेंसी की टीम अब उनसे इस धमाके से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस गिरफ्तारी से न सिर्फ मामले की पड़ताल को रफ्तार मिलेगी, बल्कि पूरी साजिश से जुड़े तथ्यों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकेगी।

भांगर विस्फोट प्रकरण में हुई कार्रवाई

जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व विधायक और तृणमूल कांग्रेस नेता शौकत मोल्ला को भांगर के दक्षिण बामुनिया विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों की मानें तो मोल्ला, जिन्हें भांगर से तृणमूल कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था, दिन में पहले अपने कई सहयोगियों के अलीपुर अदालत में पेश किए जाने के बाद खुद एनआईए अधिकारियों के समक्ष हाजिर होने की योजना बना रहे थे। हालांकि, इससे पहले कि वे ऐसा कर पाते, एनआईए की टीम ने उन्हें कोलकाता बाईपास की एक सड़क पर रोककर हिरासत में ले लिया।

कूचबिहार में भी टीएमसी को नुकसान

दूसरी तरफ कूचबिहार जिले की मेखलीगंज नगर पालिका के अध्यक्ष और 5 पार्षदों ने पार्टी से नाता तोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। इस उलटफेर के बाद नगर निकाय पर अब कांग्रेस का कब्जा हो गया है। 9 वार्ड वाली मेखलीगंज नगरपालिका पर हाल तक टीएमसी का नियंत्रण था, जहां पार्टी के 8 और भाजपा का एक पार्षद था। लेकिन अब अध्यक्ष प्रभात पाटनी और पांच अन्य पार्षदों के पाला बदल लेने से कांग्रेस बहुमत में आ गई है और उसने टीएमसी से इस नगरपालिका की सत्ता अपने हाथ में ले ली है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!