सिंह संक्रांति: सूर्य के गोचर से चमकेगी किस्मत, इन उपायों से दूर होंगी करियर की बाधाएं धर्म 4 घंटे पहले 2
17 अगस्त को सूर्य अपनी राशि सिंह में प्रवेश कर रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार, इस खास दिन पर सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय करने से मान-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

सिंह संक्रांति और सूर्य का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। इन्हें आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पिता का सुख, बेहतर स्वास्थ्य और सरकारी कामकाज का कारक माना जाता है। इस वर्ष 17 अगस्त की तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन सूर्य देव अपनी स्वराशि यानी सिंह राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि इस दिन किए गए विशेष उपाय कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूती देते हैं, जिससे जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

क्या होती है संक्रांति?

जब सूर्य देव एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस विशिष्ट समय को संक्रांति कहा जाता है। 17 अगस्त को जब सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, तो इसे सिंह संक्रांति के नाम से जाना जाएगा। सूर्य का अपनी ही राशि में विराजमान होना ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।

कमजोर सूर्य के लक्षण और प्रभाव

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो, तो उसके जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है और उसे समाज में अपमान का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही सरकारी कार्यों में बेवजह अड़चनें आना, पिता के साथ वैचारिक मतभेद, करियर में उतार-चढ़ाव, हर समय थकान महसूस करना और सेहत से जुड़ी समस्याएं भी कमजोर सूर्य के संकेत हो सकते हैं।

सूर्य देव की उपासना के सरल उपाय

सिंह संक्रांति के पावन अवसर पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद एक तांबे के पात्र में स्वच्छ जल लें। इसमें लाल चंदन, लाल फूल, दूर्वा और अक्षत मिलाकर सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यदि नियमित रूप से ऐसा किया जाए, तो स्वास्थ्य बेहतर होता है और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। पूजा के पश्चात सूर्य चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस दिन ॐ सूर्यनारायणाय नमः और ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्रों का जाप करना काफी फलदायी माना गया है, जिससे सरकारी बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

आहार और रत्न संबंधी परामर्श

सिंह संक्रांति पर सात्विक आहार ग्रहण करना उत्तम होता है। आप अपने भोजन में गेहूं की रोटी, दलिया और दूध को शामिल कर सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नमक का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, सूर्य का रत्न माणिक्य स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला माना जाता है, लेकिन इसे धारण करने से पहले अपनी कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य को अवश्य दिखाएं, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए यह रत्न अनुकूल नहीं होता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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