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4 घंटे पहले
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विचारों
धनतेरस और त्योहारों की शुरुआत
इस शुक्रवार से पांच दिनों तक चलने वाला प्रकाश का उत्सव दिवाली प्रारंभ हो रहा है। इस श्रृंखला का सबसे पहला पड़ाव धनतेरस का दिन है, जो विशेष रूप से धन और समृद्धि को समर्पित है। धनतेरस के पश्चात नरक चतुर्दशी, मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और अंत में भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। धनतेरस के दिन बाजार से कुछ नई वस्तुएं घर लाने की सदियों पुरानी परंपरा है। विशेष रूप से सोने या चांदी की खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आप सोने या चांदी में निवेश करने में सक्षम नहीं हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप स्टील, पीतल या तांबे के बर्तनों की खरीदारी भी कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन घर में किसी भी प्रकार की धातु का आगमन पूरे वर्ष खुशियों के आगमन के समान होता है। इसलिए, धनतेरस के दिन कोई न कोई धातु की वस्तु खरीदकर घर लाना अत्यंत फलदायी माना गया है।
यमराज के लिए दीपक का विधान
धनतेरस के दिन यम देवता के नाम का दीपक जलाने की विशिष्ट परंपरा है। सूर्यास्त के बाद घर की मुख्य दहलीज के बाहर यमदेव के निमित्त तेल का एक दीपक जलाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन यम के नाम का दीपक जलाने से जीवन के तमाम भय दूर होते हैं और अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है। इसके अलावा, जीवन में सुख-समृद्धि और धन की वर्षा के लिए कुछ विशेष उपायों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें आचार्य इंदु प्रकाश ने विस्तार से समझाया है।
सुख-समृद्धि और धन प्राप्ति के उपाय
- भय से मुक्ति: यदि आपके मन में किसी भी प्रकार का अज्ञात भय बना रहता है, तो धनतेरस के दिन यम देवता के लिए घर के बाहर जलाए जाने वाले तेल के दीपक में काली गुंजा के दो दाने डालकर जलाएं।
- लक्ष्मी कृपा: अपनी धन की तिजोरियों को भरा रखने के लिए धनतेरस के दिन लक्ष्मी यंत्र खरीदकर घर लाएं। इसे किसी उचित स्थान पर रखें और दिवाली की शाम लक्ष्मी पूजा के समय इसकी विधि-विधान से पूजा करें। इस दौरान 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप करें। यदि यह मंत्र कठिन लगे, तो केवल 'श्रीं ह्रीं श्रीं' मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। जाप के लिए स्फटिक या कमलगट्टे की माला को सर्वोत्तम माना गया है।
- धन स्थान की शुद्धि: एक बरगद का पत्ता लाएं और उसे साफ करें। इसे गोल मोड़कर उस पर मौली या कलावा बांधें और हल्की चंदन की सुगंध लगाएं। इसे एक लाल रंग के कपड़े में कुछ सिक्कों और 5 कौड़ियों के साथ बांधकर अपने धन रखने वाले स्थान या ऑफिस की तिजोरी में रखें।
- नकारात्मकता का नाश: जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए यमदेव के दीपक में एक चुटकी काले तिल डालकर जलाएं।
- लक्ष्मी-गणेश पूजन: मां लक्ष्मी और श्री गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सिक्कों और बर्तनों के अलावा मिट्टी से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदकर लाएं और दिवाली के दिन उनका पूजन करें।
- स्वास्थ्य रक्षा: बेहतर स्वास्थ्य के लिए धनतेरस के दिन एक तुलसी की पत्ती को अपनी जीभ पर रखकर निगल लें। ध्यान रहे कि इसे चबाना नहीं है, सीधे निगलना है। याद रखें कि सूर्यास्त के बाद या रविवार के दिन तुलसी के पत्ते कभी नहीं तोड़ने चाहिए।
- खुशहाली के लिए भोग: घर की खुशहाली के लिए एक सूखा नारियल खरीदकर लाएं। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी को इसका भोग लगाएं। आप इससे मिठाई बना सकते हैं या इसे घिसकर शक्कर मिलाकर भी भोग अर्पित कर सकते हैं।
- सुख-समृद्धि का उपाय: एक पीपल का पत्ता लेकर उस पर पीले चंदन का टीका लगाएं और उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही, 5 गोमती चक्र को सफेद कपड़े में लपेटकर अपने पास सुरक्षित रखें।
- कुबेर यंत्र से धन वर्षा: धनतेरस के दिन कुबेर यंत्र घर लाएं और सुरक्षित रखें। दिवाली की शाम पूजा के दौरान 'ऊँ श्री ऊँ ह्रीं श्री ह्री क्लीं श्री क्लीं वित्तेश्वराय नमः' मंत्र का जाप करें। इस यंत्र को दिवाली के दिन कम से कम 51 हजार बार इस मंत्र के जाप से सिद्ध करें और फिर अपने घर में स्थापित करें।
- दीपावली की बाती: रूई का एक पैकेट लाएं और उस पर 11 बार 'श्री गणेशाय नमः' मंत्र का जाप करें। इस रूई से बाती बनाकर रखें और धनतेरस से लेकर दिवाली तक घर में जलने वाले दीपकों में इन्हीं का प्रयोग करें।
- खुशियां वापस लाने का उपाय: यदि जीवन से खुशियां कम हो गई हैं, तो तुलसी के पौधे को प्रणाम करें और उनके तने पर रोली से टीका लगाकर प्रार्थना करें।
- शिवजी का आशीर्वाद: सब कुछ मंगलमय हो, इसके लिए धनतेरस के दिन शिव मंदिर जाएं और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर 21 बार 'ऊँ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
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