NCERT के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, नौवीं कक्षा के छात्र अब सीखेंगे चुनाव आयोग और मतदाता सूची की प्रक्रिया शिक्षा एक महीने पहले 72
NCERT ने कक्षा नौ की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया है, जिससे छात्र लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया को गहराई से समझ सकेंगे।

स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हुआ चुनावी साक्षरता का नया अध्याय

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी NCERT ने कक्षा नौ के सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नया अध्याय जोड़ा है। इस बदलाव के जरिए अब स्कूली विद्यार्थियों को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया से विस्तार से अवगत कराया जाएगा। नई पाठ्यपुस्तक में भारत की चुनावी व्यवस्था को एक 'बेमिसाल' प्रक्रिया के रूप में चित्रित किया गया है। पुस्तक में स्पष्ट किया गया है कि देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के साथ-साथ मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना और लोकतंत्र की नींव को मजबूत रखना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की बारीकियां

सामाजिक विज्ञान की किताब में पहली बार SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर एक समर्पित अध्याय को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इस अध्याय के माध्यम से छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे मतदाता सूची का अद्यतन किया जाता है और उसमें मौजूद कमियों को सुधारा जाता है। NCERT के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए। इसके साथ ही, यह भी ध्यान रखा जाता है कि किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में न आने पाए। इस प्रक्रिया में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने, मृत व्यक्तियों के नाम हटाने, और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को सुधारने जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, अंतिम सूची जारी करने से पहले आम जनता से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

चुनावी प्रक्रिया और गठबंधन सरकारों का अध्ययन

नई पुस्तक में चुनाव प्रक्रिया को अत्यधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने वाले उपकरणों और नियमों जैसे EVM, VVPAT, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और मतदाता जागरूकता अभियानों पर भी प्रकाश डाला गया है। विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक गतिविधियां भी रखी गई हैं, जिनमें उन्हें 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद गठित हुई गठबंधन सरकारों का विश्लेषण करने का कार्य दिया गया है। यह शैक्षिक बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब देश की राजनीति में विपक्षी दल समय-समय पर चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता जैसे गंभीर विषयों पर प्रश्न उठाते रहे हैं। इस पहल के माध्यम से NCERT का प्रयास नई पीढ़ी को भारत के लोकतंत्र की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करना है।

अनन्या जोशी पाबना की शिक्षा संवाददाता हैं, जो शिक्षा, परीक्षा और करियर से जुड़ी खबरें कवर करती हैं। प्रवेश परीक्षाओं, बोर्ड और करियर विकल्पों पर वे छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी देती हैं। उनका फोकस सही और समय पर मार्गदर्शन देने पर रहता है।

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