हेलमेट में पानी भरने से मौत के मुहाने पहुंचे थे लुका परमितानो, अब आर्टेमिस 3 मिशन के पायलट चुने गए अमेरिका एक घंटा पहले 3
नासा ने 2027 के आर्टेमिस 3 मिशन के लिए चार सदस्यीय क्रू का ऐलान किया है, जिसमें 2013 की स्पेसवाक के दौरान हेलमेट में पानी भरने से बाल-बाल बचे ईएसए के इतालवी एस्ट्रोनॉट लुका परमितानो पायलट होंगे। इस मिशन की कामयाबी 2028 में चांद पर इंसान भेजने की राह तय करेगी।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित आर्टेमिस 3 मिशन के आधिकारिक क्रू सदस्यों की घोषणा कर दी है। इस चुनिंदा टीम में एक ऐसा चेहरा शामिल है, जो कुछ साल पहले अंतरिक्ष में एक दहला देने वाले हादसे से जूझ चुका है। यह नाम है इटली के एस्ट्रोनॉट लुका परमितानो का।

जुलाई 2013 में लुका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर एक स्पेसवाक कर रहे थे, तभी अचानक उनके हेलमेट में पानी भरने लगा था। अंतरिक्ष के घने अंधेरे में उस दिन उनकी जान बाल-बाल बची थी। अब नासा ने उसी जांबाज एस्ट्रोनॉट को आर्टेमिस 3 मिशन का पायलट चुना है।

आर्टेमिस 3 की पूरी टीम में कौन-कौन

इस अहम अभियान में नासा के तीन और अनुभवी एस्ट्रोनॉट भी जुड़े हैं। रैंडी ब्रेसनिक पूरी टीम के कमांडर की जिम्मेदारी संभालेंगे। आंद्रे डगलस और फ्रैंक रुबियो इस टीम में मिशन स्पेशलिस्ट की भूमिका में रहेंगे। इनके अलावा नासा के एस्ट्रोनॉट बॉब हाइन्स को बैकअप क्रू सदस्य के तौर पर रखा गया है।

यह मिशन धरती की कक्षा में लैंडर सिस्टम का एक अहम परीक्षण करेगा। इसकी कामयाबी 2028 में होने वाले आर्टेमिस 4 मिशन के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी और इसी के सहारे चांद के दक्षिणी ध्रुव पर इंसान को उतारने का नासा का पुराना सपना साकार हो सकेगा।

आखिर कौन हैं लुका परमितानो

लुका परमितानो यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) के बेहद अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं। उन्हें मई 2009 में ईएसए के एस्ट्रोनॉट कोर के लिए चुना गया था। वे इटालियन एयर फोर्स में कर्नल हैं और एक बेहतरीन टेस्ट पायलट के रूप में भी काम कर चुके हैं। खास बात यह है कि लुका आर्टेमिस मिशन के लिए चुने जाने वाले ईएसए के पहले एस्ट्रोनॉट बन गए हैं।

इस बड़ी उपलब्धि के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लुका ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘मुझे जो नई जिम्मेदारी मिली है, उससे मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’ अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय उन्होंने अपने परिवार को दिया।

लुका ने कहा, ‘हम बिना फ्यूल के कहीं नहीं जा सकते हैं।’

उन्होंने साफ कहा कि उनकी पत्नी और बेटियों का प्यार ही उनके लिए असली ऊर्जा है। परिवार की यही ऊर्जा उनके भीतर अंतरिक्ष की गहराइयां नापने का जुनून जगाती है।

2013 की स्पेसवाक में क्या हुआ था

लुका परमितानो ने मुश्किल से मुश्किल हालात में भी खुद को शांत रखना सीखा है। 16 जुलाई 2013 को अंतरिक्ष में उनके साथ रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी थी। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर स्पेसवाक के दौरान उनके स्पेससूट के कूलिंग सिस्टम में लीकेज हो गया था।

इस गड़बड़ी की वजह से उनके हेलमेट में बहुत तेजी से पानी भरने लगा। देखते ही देखते पानी उनकी नाक और आंखों तक पहुंच गया। लुका लगभग अंधे हो चुके थे और रेडियो पर उन्हें कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। यही वह पल था जब उनकी सांसें थमने लगी थीं, मगर संयम बनाए रखते हुए वे इस जानलेवा संकट से बाहर निकल आए।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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