पर्यटकों के लिए पहली पसंद बना नैनीताल जू, जून के महीने में उमड़ी 40 हजार से अधिक लोगों की भीड़ उत्तराखंड 2 महीने पहले 81
उत्तराखंड के नैनीताल में भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पहुंच रहे पर्यटक शहर के उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान यानी नैनीताल जू की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अकेले जून माह में ही 40 हजार से ज्यादा सैलानियों ने यहां पहुंचकर वन्यजीवों का दीदार किया है।

नैनीताल में उमड़ रहे पर्यटकों के कदम

भीषण गर्मी के इस मौसम में मैदानी इलाकों में तापमान का पारा लगातार चढ़ा हुआ है, जिसके चलते बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। देवभूमि के नैनीताल में इन दिनों पर्यटन सीजन अपने चरम पर है। शहर की नैनी झील, माल रोड और स्नो व्यू के साथ साथ अब एक और जगह पर्यटकों की सबसे बड़ी पसंद बनकर सामने आई है और वह है गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान, जिसे हम आमतौर पर नैनीताल जू के नाम से जानते हैं। जून के महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ हो जाता है कि यह चिड़ियाघर सैलानियों के बीच कितना लोकप्रिय हो चुका है। केवल जून के भीतर ही 40 हजार से अधिक पर्यटकों ने यहां आकर वन्यजीवों की दुनिया को करीब से देखा है।

समुद्र तल से ऊंचाई पर स्थित खास चिड़ियाघर

नैनीताल में स्थित यह प्राणी उद्यान समुद्र तल से लगभग 2,100 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और दुर्गम हिमालयी वातावरण के बीच स्थित होने के कारण यह देशभर से आने वाले सैलानियों के लिए एक मुख्य आकर्षण केंद्र है। यहां हिमालयी क्षेत्र के कई दुर्लभ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास के अनुरूप संरक्षित किया गया है। यही कारण है कि जो भी पर्यटक नैनीताल की वादियों में घूमने आते हैं, वे नैनीताल जू की यात्रा को अपनी प्राथमिकता सूची में जरूर शामिल करते हैं।

रोजाना बढ़ रही है पर्यटकों की संख्या

नैनीताल के डीएफओ आकाश गंगवार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जू में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1,500 से 1,600 पर्यटक चिड़ियाघर का भ्रमण कर रहे हैं। यदि सामान्य दिनों की तुलना की जाए तो यह संख्या लगभग एक हजार के आसपास रहती है, लेकिन पर्यटन सीजन और वीकेंड पर इसमें काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। जून महीने में कुल 40 हजार से अधिक पर्यटकों का आंकड़ा पार करना इस बात का सबूत है कि वन्यजीवों को देखने के लिए सैलानियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। डीएफओ ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जू प्रबंधन भी पूरी तरह सतर्क है। आगंतुकों की सुविधा के लिए सुरक्षा, सफाई व्यवस्था और बेहतर मार्गदर्शन जैसे पहलुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि प्रत्येक पर्यटक को यहां एक सुखद अनुभव मिल सके।

रेड पांडा और बंगाल टाइगर हैं खास आकर्षण

नैनीताल जू की लोकप्रियता के पीछे यहां मौजूद दुर्लभ वन्यजीव हैं। पर्यटक यहां खास तौर पर रेड पांडा और रॉयल बंगाल टाइगर को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा हिमालयी तेंदुआ, सफेद मोर, भालू, घुरल, सांभर और बार्किंग डियर जैसे वन्यजीव भी यहां सैलानियों का मन मोह लेते हैं। बच्चों के साथ आने वाले परिवारों के लिए यह जगह न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि उन्हें वन्यजीवों के बारे में करीब से जानने और सीखने का एक अनूठा अवसर भी प्रदान करती है।

पर्यटकों ने साझा किया अपना अनुभव

दिल्ली से पहली बार नैनीताल आए पर्यटक सुखबीर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पहले नैनी झील में नौकायन का आनंद लिया और उसके बाद जू का रुख किया। उन्होंने कहा कि वे देश के कई अन्य चिड़ियाघरों में जा चुके हैं, लेकिन नैनीताल जू जैसी बात कहीं और नहीं देखी। रेड पांडा, बंगाल टाइगर और लेपर्ड को इतने करीब से देखना उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने सुझाव दिया कि जो भी नैनीताल आता है, उसे कम से कम एक बार यहां जरूर जाना चाहिए। वहीं, जम्मू-कश्मीर से आईं पर्यटक बानी ने बताया कि नैनीताल जू न केवल बहुत खूबसूरत है, बल्कि इसे बहुत व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों की चिलचिलाती गर्मी से दूर नैनीताल का मौसम बेहद सुहावना है और यहां दुर्लभ जानवरों का दीदार करना इस यात्रा को और भी खास बना देता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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