नैनीताल में बारिश का कहर: कहीं गाड़ियों पर गिरा मलबा तो कहीं थम गई जिंदगी, तस्वीरों में देखिए तबाही के निशान उत्तराखंड 2 घंटे पहले 5
उत्तराखंड के नैनीताल में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जहाँ भूस्खलन और जलभराव से कई सड़कें बंद हो गई हैं और एक चार साल की मासूम की जान भी चली गई है।

सरोवर नगरी में बरसी आफत

नैनीताल में मंगलवार को मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला। सोमवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रहा, जिससे शहर से लेकर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए रेड अलर्ट के बीच हुई इस मूसलाधार बारिश ने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर की प्रमुख सड़कों और मुख्य बाजारों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि पहाड़ों पर छाई घनी धुंध के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है। तापमान में आई अचानक गिरावट से ठंड का अहसास भी बढ़ गया है। इस कठिन परिस्थिति में जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से बेहद सावधानी बरतने और बेवजह बाहर न निकलने की अपील की है।

सड़कों पर मलबे का साम्राज्य

नैनीताल जिले में आपदा कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के चलते जिले भर में कुल 46 छोटी-बड़ी सड़कें भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। इन सड़कों पर पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिसके कारण यातायात बुरी तरह बाधित है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर तैनात हैं और जेसीबी मशीनों की मदद से रास्तों को खोलने का प्रयास कर रही हैं। कई महत्वपूर्ण मार्गों को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है, लेकिन संवेदनशील स्थानों पर अभी भी खतरा बना हुआ है।

बाल-बाल बचे पर्यटक

नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मूसलाधार बारिश के दौरान पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और चट्टान का टुकड़ा सड़क पर आ गिरा। इस दौरान वहाँ से गुजर रही एक कार मलबे की चपेट में आ गई। जानकारी के अनुसार, इस कार में हरियाणा के पर्यटक सवार थे जो कैंची धाम के दर्शन करके वापस लौट रहे थे। गनीमत यह रही कि हादसा होने से कुछ क्षण पहले ही पर्यटक कार से बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच गई। क्षतिग्रस्त हुई कार के बारे में पता चला है कि इसे मात्र आठ दिन पहले ही खरीदा गया था।

राजमार्गों पर यातायात की भारी समस्या

हल्द्वानी-ज्योलीकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर डोलमार के समीप भी भूस्खलन की घटना सामने आई है। पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों और मलबे ने वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया था। प्रशासन की टीम ने तत्काल जेसीबी के माध्यम से सड़क साफ कराई, जिसके बाद ही यातायात सुचारु हो सका। इसी तरह, नैनीताल-भवाली मोटर मार्ग पर कैलाखान, पाइंस और जोखिया के निकट भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित रहा। नैनीताल-पंगोट मार्ग पर भी मलबा आने से संपर्क टूट गया था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग यहाँ लगातार मिनी जेसीबी के जरिए मलबे को हटाने में जुटा है।

भीमताल में चार साल की बच्ची की दुखद मौत

भारी बारिश के कारण भीमताल क्षेत्र में स्थिति अत्यंत दर्दनाक रही। क्षेत्र में बहने वाले नाले उफान पर आ गए और ब्लॉक रोड पर पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई। इसी आपाधापी के बीच एक चार साल की मासूम बच्ची का पैर फिसल गया और वह बरसाती नाले के तेज बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुँचा और तलाशी अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बच्ची को बेहोश अवस्था में बरामद किया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

अल्मोड़ा और धार-कासियालेख मार्ग का हाल

मानसूनी बारिश का असर कैंची धाम और अल्मोड़ा रोड पर भी गहरा रहा। कैंची धाम के पास बड़ा बोल्डर गिरने से रास्ता जाम हो गया था, जबकि खैरना क्षेत्र में पत्थरों के गिरने का सिलसिला लगातार जारी रहा। प्रशासन ने अल्मोड़ा की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतने की हिदायत दी है। दूसरी तरफ, धारी-कासियालेख मोटर मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण यातायात काफी देर तक रुका रहा। राजस्व निरीक्षक निर्मल बोरा की टीम ने मौके पर पहुँचकर जेसीबी की सहायता से रास्ता साफ करवाया। वहीं, ग्राम पोखराड़ में भूस्खलन से आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है, जिसके चलते प्रभावित परिवारों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। फिलहाल किसी भी जनहानि या पशुहानि की खबर नहीं है।

कल के लिए ऑरेंज अलर्ट

नैनीताल में बारिश का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग ने 2 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश की घोषणा कर दी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और सड़क की स्थिति की जांच अवश्य करें। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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