नैनीताल माल रोड पर 'हॉर्न बैन' के फैसले पर भड़के लोग, कहा- संकरी सड़क पर बढ़ेंगे हादसे, पहले ट्रैफिक सुधारो उत्तराखंड 2 महीने पहले 79
नैनीताल की ऐतिहासिक माल रोड पर प्रशासन ने 1 अगस्त 2026 से हॉर्न बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जिस पर स्थानीय लोगों और टैक्सी ड्राइवरों ने भारी चिंता व्यक्त की है।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल की खूबसूरत और ऐतिहासिक माल रोड को शांत व ध्वनि प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी 1 अगस्त 2026 से माल रोड पर हॉर्न बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। प्रशासन ने पर्यावरण और पर्यटन को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है, लेकिन जमीन पर इसका कड़ा विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय निवासियों और टैक्सी चालकों का मानना है कि इस नियम से शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने के बजाय दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं।

प्रशासन का फैसला और भारी जुर्माना

यह महत्वपूर्ण निर्णय कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में माल रोड को पूरी तरह से 'नो हॉर्न जोन' घोषित करने की रूपरेखा तैयार की गई। प्रशासन ने साफ किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नैनीताल आने वाले पर्यटकों को शांत और स्वच्छ वातावरण का अनुभव कराना है।

स्थानीय लोगों और ड्राइवरों में गहरा रोष

प्रशासन के इस आदेश के बाद से ही स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। स्थानीय टैक्सी ड्राइवरों, व्यापारियों और आम जनता का कहना है कि इस फैसले को लागू करने से पहले जमीनी हकीकत की अनदेखी की गई है। उनका आरोप है कि बिना किसी ठोस ट्रैफिक योजना के सीधे प्रतिबंध थोपना अव्यावहारिक है।

संकरी सड़कें और हादसों का बढ़ता खतरा

स्थानीय सभासद अंकित चंद्रा और कई अन्य निवासियों ने सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं साझा की हैं। उनका मानना है कि इस प्रतिबंध से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं:

  • माल रोड काफी संकरी है और यहां हमेशा पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भारी भीड़ रहती है।
  • ऐसी स्थिति में वाहनों के आने पर पैदल यात्रियों को सचेत करने का एकमात्र जरिया हॉर्न ही होता है।
  • हॉर्न पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से अंधे मोड़ों और भारी भीड़ के बीच गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाएगा।

पूर्ण प्रतिबंध के बजाय बीच का रास्ता निकालने की मांग

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रशासन को पूरी तरह से हॉर्न प्रतिबंधित करने के बजाय कोई वैकल्पिक रास्ता चुनना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि केवल बेवजह और बार-बार हॉर्न बजाने (प्रेशर हॉर्न) पर रोक लगाई जाए और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि इस प्रतिबंध को लागू करने से पहले नैनीताल की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाए ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों, दोनों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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