हिमाचल प्रदेश के नाहन में हिंसक झड़प: 12 लोग गिरफ्तार, इलाके में धारा-163 प्रभावी हिमाचल प्रदेश एक घंटा पहले 4
हिमाचल प्रदेश के नाहन में दो समुदायों के बीच हुए हिंसक टकराव के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को हिरासत में लिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में धारा-163 लागू है और शांति बहाली के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

सिरमौर में तनाव और कानूनी कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में दो समुदायों के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सदर पुलिस थाना नाहन की टीम ने 27 अक्टूबर की शाम को दोनों पक्षों के करीब 10 से 12 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।

धारा-163 के साये में शहर

किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नाहन में 26 अक्टूबर की शाम से 29 अक्टूबर तक धारा-163 लागू कर दी गई है। शहर की सीमाओं पर पुलिस का पहरा सख्त है और बाहर से आने वाले प्रत्येक वाहन की गहनता से जांच की जा रही है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रहे। प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है और लगातार निगरानी कर रहा है।

शांति बहाली के लिए पंजाब से पहुंचे प्रतिनिधि

नाहन में व्याप्त तनाव को कम करने और दोनों समुदायों के बीच आपसी सौहार्द बहाल करने के लिए अब बाहरी हस्तक्षेप और मध्यस्थता की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। मंगलवार को पंजाब से विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि नाहन पहुंचे। इनमें पंजाब बुड्ढा दल के जत्थेदार अवतार सिंह और वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिलू वाल्मीकि प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन प्रतिनिधियों ने मीडिया के माध्यम से अपने-अपने समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे संयम बरतें और शांति बनाए रखें। उनका स्पष्ट कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान आपसी बातचीत और भाईचारे के साथ बैठकर निकाला जाना चाहिए, न कि हिंसा के माध्यम से।

विवाद की जड़ और हिंसा का घटनाक्रम

यह पूरा बवाल नाहन के वाल्मीकि गेट के नवीनीकरण को लेकर शुरू हुआ था। इस मुद्दे ने दो मोहल्लों के निवासियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब वाल्मीकि जयंती से ठीक दो दिन पहले यानी 23 अक्टूबर को शहर में फिर से हिंसा भड़क उठी। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। उपद्रवियों ने एक कबाड़ की दुकान को आग के हवाले कर दिया और तहसीलदार की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। इस हिंसक झड़प में एक एसएचओ सहित कुल 14 लोग घायल हो गए थे। हालांकि, 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शहर में स्थिति काफी हद तक सामान्य रही और शोभायात्रा भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। लेकिन बाद में पंजाब से लोगों के आने की सूचना के बाद संभावित खतरों को देखते हुए प्रशासन ने फिर से ऐहतियात बरतते हुए धारा-163 लागू करने का फैसला लिया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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